शांति भंग के आरोप में पत्नी को जेल भेजने से नाराज एक व्यक्ति ने बुधवार को एसडीएम कार्यालय के सामने आत्मदाह करने की कोशिश की। उसने शरीर पर मिट्टी का तेल उड़ेल लिया था लेकिन माचिस की तीली जलाने से पहले ही लोगों की मदद से एसडीएम के गार्ड ने पकड़ लिया। एसडीएम ने उसकी पत्नी की जमानत मंजूर कर ली। यह घटना यूपी के जौनपुर में हुई।
जिले के केराकत कोतवाली क्षेत्र के दलाल टोला निवासी आयशा बानो ने एसडीएम से शिकायत की थी कि इस्माइल जद्दू और उसकी पत्नी हसीना बेगम उसे परेशान करते हैं। आयशा ने आरोप लगाया था कि वह चहारदीवारी में गेट लगवा रही थी, जिसे रोक दिया गया।
आयशा की शिकायत पर एसडीएम मंगलेश दूबे मंगलवार को कोतवाल शशिभूषण राय के साथ पहुंचे। मौका मुआयना करने के बाद एसडीएम ने दरवाजा लगवाने का निर्देश पुलिस को दिया।
पुलिस ने दरवाजा लगवा दिया और विरोध कर रही इस्माइल की पत्नी का शांति भंग में चालान कर दिया। एसडीएम ने उसकी जमानत खारिज कर जेल भेज दिया था। बुधवार को हसीना का पति इस्माइल पत्नी की जमानत के लिए एसडीएम कार्यालय पहुंचा था।
उसका आरोप है कि उसे धमकी दी गई कि कार्यालय से बाहर नहीं निकले तो उसे भी जेल भेज दिया जाएगा। वह कार्यालय से बाहर आ गया। कहीं से मिट्टी के तेल से भरा गैलन लाया और उड़ेल कर जोर-जोर से चिल्लाने लगा कि पत्नी को जमानत नहीं दी गई तो वह आग लगाकर जान दे देगा।
माचिस की तीली जलाने से पहले ही आसपास के लोगों और एसडीएम के गार्ड ने उसे पकड़ लिया। अधिवक्ता भी इस्माइल के समर्थन में आ गए। एसडीएम ने हसीना बेगम की जमानत मंजूर कर ली।