पंचक्रोशी रेलवे क्रासिंग पर बुधवार की रात में ट्रेन की चपेट में आने से पति और गर्भवती पत्नी की मौत हो गई। मामला शराब पीने को लेकर हुए विवाद के बाद झगड़े से शुरू हुआ था। फल विक्रेता और उसकी पत्नी की मौत के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
दरअसल, सारनाथ के पंचकोशी रेलवे क्रॉसिंग के पास के मूल निवासी गोविंद सोनकर (30) बुधवार की रात शराब पी रहा था। पत्नी खूशबू सोनकर (28) ने उसे रोकने का प्रयास किया तो दोनों के बीच झगड़ा हो गया। विवाद के बाद गुस्साई पत्नी रेलवे ट्रैक की तरफ दौड़ी और ट्रेन के सामने लेट गयी। यह देखकर पति भी उसे बचाने के लिए पीछे से पहुंचा। तब तक तेज रफ्तार में आई ट्रेन की चपेट में आने से दोनों की मौत हो गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पति शराब के नशे में धुत था और पत्नी के मना करने के बाद वह मारपीट पर उतारू हो गया। इसके बाद पत्नी ने उससे जान देने की बात की तो उसने और उकसा दिया। मृतक दंपती के तीन बच्चे हैं। सारनाथ थाना प्रभारी आशीष कुमार ने बताया कि मृतक गोविंद सोनकर की फल की दुकान थी। दोनों का शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
शराब का आदी था गोविंद, आए दिन होता था झगड़ा
पुलिस की जांच में यह बात सामने आई है कि फल विक्रेता गोविंद सोनकर शराब का आदी था और दिन में भी नशे में रहता था। इसी बात पर इनके बीच आए दिन झगड़ा और मारपीट होता था। परिवार के लोग हस्तक्षेप का प्रयास करते थे तो कई बार विवाद बढ़ गया था। इसके बाद से परिवार के लोगों ने दूरी बना ली।
मृतक खूशबू सोनकर के भाई सुनील सोनकर ने बताया कि दोनों की शादी वर्ष 2018 में हुई थी। शादी के बाद से ही दोनों के बीच झगड़ा होना शुरू हो गया था। 15 दिन पहले ऐसे ही विवाद के बाद रिश्तेदारों व परिवार की मौजूदगी में पंचायत हुई थी। इसमें गोविंद ने अपनी गलती मानते हुए सुधार का वादा किया था। मगर, अगले दिन से ही वह फिर से शराब पीने लगा और घर पहुंचते ही झगड़ा करने लगता था। उसकी इन्हीं आदतों की वजह से परिवार के लोग उससे ज्यादा मतलब नहीं रखते थे।
बच्चों को पता नहीं कि पापा मम्मी अब नहीं आएंगे
मृतक गोंविद और खूशबू के तीन बच्चे हैं। इसमें सबसे बड़ी बेटी लाडो चार साल, परी तीन साल और सबसे छोटा बेटा भोला छह महीने का है। इस घटना के बाद देर रात तक बच्चों को कुछ पता नहीं है। वे लगातार पूछ रहे हैं कि मम्मी कब आई। हालांकि वहां पहुंचे लोगों ने बच्चों को खाना खिलाकर सुला दिया।
ट्रेन से कटकर अधेड़ की मौत
सारनाथ क्षेत्र में ही ट्रेन से कटकर एक अधेड़ की मौत हो गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। बुधवार की देर शाम चंद्रा रेलवे क्रॉसिंग के पास जीतन प्रसाद (45) की ट्रेन के चपेट में आने से मौत हो गई। लोगों ने बताया कि जीतन फेरी का काम करता था और मूल रूप से रोहतास बिहार का रहने वाला था। तीनों शवों को पुलिस ने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज।
हादसों में पहले भी जा चुकी है जान
28 जुलाई 2023 को वाराणसी फुलवरिया गेट नंबर 5 पर कोटवा में एक युवक और एक महिला की मौत हो गई थी। बुंदेलखंड मंडुवाडीह की चपेट में आने से हादसा हुआ था। 20 जून 2023 को आशापुर रेलवे क्रासिंग के पास ट्रेन की चपेट में आने से 35 वर्षीय युवक की मौत हुई। ट्रैक पार करते हुए वह ट्रेन की चपेट में आया। 13 जुलाई 2022 को जौनपुर निवासी संतोष कुमार की फुलवरिया गेट नंबर चार पर ट्रेन की चपेट में आने से मौत हुई।