सुबह बस्ती के लोग पूजा करने पहुंचे तो मंदिर गायब मिला। इससे बस्ती के लोगों में दहशत है। गांव के लोगों ने बताया कि इस वर्ष अब तक गांव के दुलारे, विनोद, मान सिह, भानू, विजय की आदि की बोई गई फसल सहित जमीन गंगा में समा चुकी है।
प्रति दिन डेढ़ से दो एकड़ भूमि गंगा में समा रही है लेकिन अब तक न तो कटान रोकने की पहल हुइ और न ही बर्बाद हुई फसल का मुआवजा दिया गया। ग्रामीणों ने बताया कि बहादुरपुर से मल्लाह बस्ती जाने वाला लिंक रोड का बड़ा हिस्सा गंगा में समा चुका है। यदि जल्द ही दूसरा रास्त नहीं बनाया गया तो गांव में आने के लिए रास्ता भी नहीं बचेगा।