बनारस के होटल व गेस्ट हाउस सुरक्षित नहीं हैं। बनारस के साथ-साथ आगरा, मथुरा, वृंदावन में भी यही हाल है। अधिकांश होटलों और गेस्ट हाउस में सीसीटीवी कैमरा, टूरिस्ट रजिस्टर बुक, आईडी प्रूफ और आग से सुरक्षा के उपाय को लेकर गंभीर लापरवाही बरती जाती है।
यह रिपोर्ट पश्चिम बंगाल के हुगली स्थित नेशनल ह्यूमन राइट्स कम्युनिटी ऑफ इंडिया (एनएचआरसीआई) के महासचिव ने प्रदेश के डीजीपी और डीजी फायर सुरक्षा को दी है।
उन्होंने कहा है कि ऐसी व्यवस्था करें कि देशी और विदेशी पर्यटक बनारस में खुद को सुरक्षित महसूस करें। इसके साथ ही इस संबंध में किए गए उपायों की रिपोर्ट मांगी है।
एनएचआरसीआई के महासचिव सौमेन सेन के अनुसार बनारस, आगरा, मथुरा और वृंदावन के होटलों और गेस्ट हाउस में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बड़े पैमाने पर लापरवाही बरती जाती है।
कई होटल और गेस्ट हाउस में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं तो उनकी मॉनीटरिंग नहीं की जाती। आईडी प्रूफ लेने में कोताही बरती जाती है। कई होटलों के अग्निशमन यंत्र पुराने और बेकार हो चुके हैं। इनमें से भी कई ने अग्निशमन विभाग से अनुमति नहीं ले रखी है।
एनएचआरसीआई की इस रिपोर्ट पर प्रदेश के पुलिस उपमहानिरीक्षक कानून एवं व्यवस्था ने आगरा, मथुरा और बनारस के पुलिस अधीक्षकों को पत्र भेजकर खामियों को दूर करने और रिपोर्ट भेजने को कहा है।