वाराणसी जिले में तीन दिन के भीतर दो अस्पतालों पर जिस तरह से कार्रवाई की गई है, उससे व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं। एक अस्पताल ने आयुष्मान कार्डधारक से इलाज के नाम पर पैसे ले लिए तो दूसरे पर एनओसी में लापरवाही का मामला सामने आया है। दोनों अस्पतालों को बंद तो करवा दिया गया है, लेकिन अब सीएमओ ने नए सिरे से जांच करवाने की बात कही है। डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ की डिग्री की जांच करवाने के साथ ही अस्पतालों में निरीक्षण के लिए जाने वाली टीम को भी सतर्कता बरतने को कहा गया है।
जिले में निजी अस्पतालों, नर्सिंग होम, क्लीनिक संचालन के लिए नियमानुसार ऑनलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी करनी होती है। इसमें प्रदूषण, बायोमेडिकल वेस्ट निस्तारण सहित अन्य जगहों से भी क्लीयरेंस लेनी होती है। नियमानुसार कुछ जगहों पर स्थलीय निरीक्षण के लिए सीएमओ कार्यालय से भी टीम जाती है। टीम के निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कार्रवाई होती है।
हुकुलगंज मां गौरी हॉस्पिटल में निरीक्षण के दौरान कोई डॉक्टर भी स्वास्थ्य विभाग की टीम को नहीं मिला। इस बीच अस्पताल की एनओसी को लेकर भी कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। इस तरह की स्थिति तब है जब स्वास्थ्य विभाग की टीम जाकर निरीक्षण करती है, उसके बाद एनओसी की प्रक्रिया आगे बढ़ती है।
सीएमओ डॉ. संदीप चौधरी का कहना है कि एनओसी को लेकर पहले से अधिक निगरानी की जाएगी। साथ ही रिपोर्ट की भी जांच की जाएगी, ताकि आगे चलकर कोई परेशानी न हो। जिन अस्पतालों को बंद करवाया गया है, उसकी जांच भी की जा रही है।