होप के सदस्यों ने मंत्रालय के मुख्य सचिव से दिल्ली में की मुलाकात
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होप वेलफेयर ट्रस्ट के युवाओं ने मिर्जापुर के नक्सल प्रभावित गांवों की जमीनी हकीकत से महिला एवं बाल विकास मंत्रालय को अवगत कराया। बीते दिनों इन युवाओं ने मिर्जापुर के नक्सल गांवों में बच्चों और महिलाओं के स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं की पड़ताल की थी।
गांव में शिक्षा और स्वास्थ्य दोनों के ही हालात बेहद खराब हैं। इसकी पूरी रिपोर्ट शुक्रवार को नई दिल्ली जाकर मंत्रालय के संयुक्त सचिव चेतन संघाई को सौंपी। संयुक्त सचिव ने उन्हें आश्वासन दिया गया मंत्रालय की सभी योजनाएं इन गांवों तक जरूर पहुंचाई जाएंगी।
गांव में महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा देने और नशाखोरी को मिटाने के लिए होप वेलफेयर ट्रस्ट ने गांवों में ग्रीन ग्रुप का गठन किया है। वाराणसी के अलावा ट्रस्ट की ओर से मिर्जापुर के दस नक्सल प्रभावित गांवों में भी 150 महिलाओं का ग्रीन ग्रुप बनाया गया।
होप के युवाओं की टीम ने जब इन गांवों का जब दौरा किया यहां की भयावह जमीनी हकीकत से रूबरू हुए। स्वास्थ्य सुविधाओं और शिक्षा का बुरा हाल है। शुक्रवार को महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के संयुक्त सचिव से मुलाकात कर संस्था के दिव्यांशु उपाध्याय, श्यामाकांत सुमन और संध्या ने यहां की हकीकत से रूबरू कराया।
बता दें कि युवाओं के कार्यों को देखते हुए मंत्रालय ने स्वयं उन्हें मिलने के लिए बुलाया था। संयुक्त सचिव ने युवाओं को मंत्रालय के साथ जुड़कर काम करने का भी प्रस्ताव दिया है जिसमें संस्था कॉलेज की छात्राओं को ट्रेनिंग देने का काम करेगी।
इसके बाद ये छात्राएं गांव गांव जाकर ग्रामीणों को मंत्रालय द्वारा महिलाओं और बच्चों के लिए चलाई जाने वाली योजनाओं की जानकारी देंगी, उन्हें जागरूक करने का काम करेंगी।