मानदेय पर कार्यरत संस्कृत शिक्षकों के नियमितीकरण की मांग को लेकर रविवार को संस्कृत शिक्षक उत्थान समिति, उत्तर प्रदेश के बैनर तले वाराणसी में मंडलस्तरीय बैठक हुई। बैठक के बाद शिक्षकों के प्रतिनिधिमंडल ने संयुक्त शिक्षा निदेशक (जेडी) वाराणसी मंडल के माध्यम से अपर मुख्य सचिव, माध्यमिक शिक्षा, उत्तर प्रदेश शासन को संबोधित ज्ञापन सौंपा।
वाराणसी मंडल समेत विभिन्न जनपदों से पहुंचे शिक्षकों ने कहा कि प्रदेश के करीब 570 अशासकीय सहायता प्राप्त एवं राजकीय माध्यमिक संस्कृत विद्यालयों में मानदेय पर कार्यरत शिक्षक वर्षों से नियमित शिक्षकों की तरह अध्यापन, परीक्षा, निर्वाचन तथा अन्य शासकीय दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं। इसके बावजूद उन्हें बेहद कम मानदेय पर कार्य करना पड़ रहा है। ज्ञापन में समिति ने समान कार्य के लिए समान वेतन के संवैधानिक सिद्धांत और सर्वोच्च न्यायालय के विभिन्न निर्णयों का हवाला देते हुए सरकार से न्यायोचित निर्णय लेने की मांग की। शिक्षकों ने कहा कि पूर्व में चयन प्रक्रिया पूरी कर चुके और लंबे समय से सेवा दे रहे मानदेय संस्कृत शिक्षकों का बिना किसी नई चयन प्रक्रिया के रिक्त नियमित पदों पर सीधा समायोजन किया जाए। बैठक में बड़ी संख्या में मानदेय संस्कृत शिक्षक उपस्थित रहे।