Varanasi News: मुकद्दस रमजान का महीना शुरू है। मोमिन इबादत में मशगूल हैं। ऐसे में उनके लिए इस महीने में पड़ने वाला हर जुमा खास होता है। इस बार रमजान में चार या पांच जुमा पड़ेगा, यह ईद के चांद से तय होगा। 29 रमजान का चांद का दीदार हुआ तो चार जुमा पड़ेगा। अगर, ऐसा नहीं हुआ यानी 30 रमजान को चांद दिखा तो मोमिनों को एक और जुमे की नमाज अदा करने को मिलेगा। तब तीन वर्ष बाद रमजान में पांच जुमा का दीदार होगा। हालांकि 32 वर्षों बाद रमजान फरवरी में शुरू हुआ है।
ईद-उल-फितर का पर्व माह-ए-रमजान के आखिरी रोजे के बाद मनाया जाता है। इस बार 19 फरवरी को रमजान शुरू हुआ था। क्योंकि उर्द महीना शाबान की 29 तारीख यानी 18 फरवरी को चांद की तस्दीक हो गई थी। पिछले तीन वर्षों से रमजान में जुमा चार ही पड़ा था। इस बार जुमा को लेकर मोमिन की निगाहें अब ईद के चांद पर टिकी हैं।
मौलाना हारुन रसीद नक्शबंदी ने बताया कि 30 रमजान हुआ तो एक और जुमा मिलेगा। यह चांद के दिखने पर ही निर्भर करेगा। क्योंकि रमजान की शुरुआत और खत्म चांद पर ही निर्भर करता है और खुदा मोमिनों को एक माह तक इबादत करने के बाद ईद उपहार में उन्हें देते हैं।