लक्सा थाने की पुलिस ने उसकी हिस्ट्रीशीट खोली थी। हिस्ट्रीशीट की संख्या 38ए है। परिजनों ने पुलिस को बताया कि औरंगाबाद निवासी अनिल यादव शनिवार की रात 2 बजे के बाद घर पहुंचा। पत्नी खाना लेकर उसके कमरे में गई लेकिन अंदर से दरवाजा बंद कर लिया। सुबह कमरा खुलवाने का प्रयास किया गया लेकिन सफलता नहीं मिल सकी। दरवाजा तोड़कर देखा गया तो वह पंखे की कुंडी में दुपट्टे के सहारे फंदे से लटका था। अनिल के भाई संतोष यादव और पिता पनारू यादव ने पुलिस पर आरोप लगाया कि पुलिस लगातार दबिश दे रही थी। इससे वह तनाव में था।
अनिल आपराधिक छवि का था। हिस्ट्रीशीटर थाने में आकर हाजिरी लगाते हैं। वह भी लगाता था। पारिवारिक परेशानियों की वजह से कुछ दिनों से तनाव में था। आर्थिक स्थिति भी खराब हो गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है। - राजू कुमार, थाना प्रभारी, लक्सा
काशी विद्यापीठ के छात्र की हत्या में आया था नाम
पुलिस के मुताबिक 13 साल पहले सिगरा थाना क्षेत्र के सिद्धगिरीबाग में विद्यापीठ के छात्र की हत्या के मामले में अनिल यादव का नाम सामने आया था। आरोप था कि अनिल ने छात्र के चेहरे पर पटिया पटक दी थी। लूट, रंगदारी, मारपीट और अन्य कई आपराधिक मामलों में उसका नाम सामने आया था।