सड़कों से लेकर मकानों की छतों तक भक्तों की भीड़ ने काशी की इस ऐतिहासिक परंपरा को जीवंत कर दिया। काशी राज परिवार के अनंत नारायण सिंह ने राज परिवार की परंपरा को निभाया। उन्होंने पं. अभिनव उपाध्याय को सोने की गिन्नी दी। संचालन लीला व्यवस्थापक पं. मुकुंद उपाध्याय ने किया।
संध्या वंदन को पहुंचे अनंत नारायण सिंह
हिंदी भाषा, साहित्य और देवनागरी लिपि के सबसे पुराने आंगन नागरी प्रचारिणी सभा में शुक्रवार की शाम 125 साल पुरानी परंपरा निभाई गई। काशीराज परिवार के प्रतिनिधि अनंत नारायण सिंह अपने लाव-लश्कर और राजपरिवार के सदस्यों के साथ नागरी प्रचारिणी सभा पहुंचे। यहां एक घंटे तक संध्या वंदन किया।
सभा के प्रधानमंत्री व्योमेश शुक्ल ने तिलक लगाकर स्वागत किया और उन्हें सभा द्वारा प्रकाशित पुस्तकें हिंदी साहित्य का इतिहास, कविता क्या है, पंच परमेश्वर और खुसरो की हिंदी कविता की प्रतियां भेंट कीं। अनंतनारायण सिंह ने व्योमेश शुक्ल को काशीराज न्यास द्वारा प्रकाशित रामचरितमानस की प्रति और सगुन की राशि भेंट की।
पिछले साल का कलंक बारिश ने धोया : पिछले साल नाटी इमली के भरत मिलाप के दौरान पुलिस लाठीचार्ज ने इस पवित्र आयोजन पर दाग लगा दिया था। इस साल मूसलाधार बारिश ने न सिर्फ धरती को भिगोया, बल्कि उस कलंक को भी धो डाला। आयोजक मुकुंद उपाध्याय ने कहा, पिछले साल लाठीचार्ज का जो दाग लगा था, उसे इस साल बारिश ने साफ कर दिया।
दूसरी बार कार से पहुंचा काशीराज परिवार
नाटी इमली के भरत मिलाप में यह दूसरा मौका था जब काशीराज परिवार के अनंत नारायण सिंह दूसरी बार हाथी के बजाय कार से पहुंचे। इसके पहले 2021 में कोरोना काल के दौरान अनंतनारायण सिंह कार से लीला स्थल पर पहुंचे थे। शुक्रवार की लीला के दौरान भारी बरसात के कारण अनंतनारायण सिंह को कार से लीला स्थल तक जाना पड़ा। उनका हाथी नागरी प्रचारिणी सभा के मैदान में ही खड़ा रहा।
भरत मिलाप में शामिल हुए कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष : विश्वप्रसिद्ध भरत मिलाप की लीला में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष भी शामिल हुए। उन्होंने भगवान राम समेत चारों भाइयों के दर्शन किए। प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि हम प्रतिवर्ष इस लीला में आते हैं और प्रभु श्रीरामजी और उनके भाइयों का दर्शन करते हैं। काशी की धरा सनातन परंपराओं, अध्यात्म, आस्था, संस्कृति, प्राचीन परंपरा और गंगा-जमुनी तहजीब की अद्वितीय गवाही देती है। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि नाटी इमली का भरत मिलाप मेला हमें यह संदेश देता है कि भाईचारा, त्याग, प्रेम और आत्मीयता ही सच्चा धर्म है।
ये रहे मौजूद : इस दौरान रामलीला समिति के अध्यक्ष सुबोध अग्रवाल, मंत्री मोहन कृष्ण अग्रवाल, संयुक्त मंत्री सत्येंद्र कुमार राय, अशोक सिंह, अजय सिंह मौजूद रहे।
दशहरे पर रामनगर दुर्ग में हुआ शस्त्र पूजन
रामनगर दुर्ग में गुरुवार को विजयदशमी का पर्व राजसी शान से मनाया गया। डाॅ. अनंत नारायण सिंह ने पूजन किया। चारों वेदों के चार ब्राह्मणों के वैदिक मंत्रोच्चार के बीच उन्होंने विधि विधान से शस्त्र पूजा की। पूजन के बाद 36वीं वाहिनी पीएसी के जवानों ने सलामी दी। इसके बाद डाॅ. अनंत नारायण सिंह का दरबार लगा। दरबार से जुड़े मुसाहिबों ने उनको नजर पेश की।
राज परिवार से जुड़ी महिलाओं ने उनकी नजर उतारी। उसके बाद दुर्ग में स्थित मंदिरों में दर्शन के बाद शाम पांच बजे दुर्ग से सुसज्जित हाथियों पर राजसी पोशाक में अनंत नारायण सिंह की सवारी निकली। उन्होंने हाथ जोड़कर लोगों का अभिवादन स्वीकार किया। शाही सवारी बटाऊ वीर पहुंचने पर अनंत नारायण सिंह ने परंपरा के अनुसार शमी वृक्ष का पूजन कर उसकी परिक्रमा की।
काशी में हुई शस्त्रों की पूजा
विजयदशमी पर काशी में परंपरागत उत्साह और आस्था के साथ शस्त्र पूजन किया गया। स्वर्णकार क्षत्रिय समिति के ओर से गुरुवार को मध्यमेश्वर स्थित अध्यक्ष कमल कुमार सिंह के आवास पर स्वर्णकारों ने शस्त्र पूजन किया। दुर्गा सप्तशती का पाठ और पूजा अर्चना की गई। संरक्षक गंगाराम ने कहा कि धर्म की पुनर्स्थापना का यह शाश्वत सत्य हमें सदैव प्रेरित करता है। इस दौरान किशोर कुमार सेठ, रवि सराफ, कृष्ण कुमार, सत्यनारायण मौजूद रहे।