महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में हिंदी पत्रकारिता दिवस पर आयोजित संगोष्ठी में वक्ताओं ने पत्रकारिता से जुड़े विषयों पर चर्चा की। बतौर मुख्य अतिथि जयप्रकाश नारायण विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. हरिकेश सिंह ने कहा कि पत्रकारिता में लोकवाणी, लोकचिंतन को समाहित करना जरूरी है।
प्रो. हरिकेश ने कहा कि पत्रकारिता का प्रारम्भ पीड़ा से शुरू होकर स्वावलंबन की तरफ बढ़ रहा है। हम सभी को लोकचेतना के लिए लोकमत वाले पत्रकारों के जीवन को पढ़ते हुए आगे बढ़ना चाहिए। कुलपति प्रो. आनंद कुमार त्यागी ने कहा कि समाज में सही चीजों का निर्धारण करना संचार का प्रमुख कार्य है। पत्रकारिता ही एक ऐसा माध्यम है, जिसके माध्यम से हम जनमानस से एक साथ बात कर सकते हैं। डॉ. विनोद सिंह ने कहा हम सभी अगले वर्ष हिंदी पत्रकारिता के 200वे वर्ष में प्रवेश करेंगे। पत्रकारिता की भाषा कभी साहित्यिक नहीं थी। वह हमेशा लोकभाषा के निकट रही। निदेशक डॉ. नागेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि यदि हिंदी नहीं है तो आप कहीं भी सफल नहीं हैं। भारत के बाहर भी हिंदी पत्रकारिता का मूल्य है। कार्यक्रम का संचालन डॉ. अरुण शर्मा, धन्यवाद ज्ञापन डॉ. वशिष्ठ नारायण सिंह ने किया।