काशीवासियों को जल्द ही मौसम की अधिक सटीक और स्थानीय जानकारी मिल सकेगी। बदलते मौसम की निगरानी और पूर्वानुमान के लिए पहली बार पिंडरा में हाईटेक डॉप्लर मौसम रडार स्थापित किया गया है। इसकी निगरानी क्षमता 500 किलोमीटर तक होगी, जबकि 250 किलोमीटर तक के क्षेत्र में यह अधिक सटीक आंकड़े उपलब्ध कराएगा।
यह रडार उच्च गुणवत्ता का रेडियो डेटा भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के वैज्ञानिकों तक पहुंचाएगा, जिससे बिजली गिरने, आंधी-तूफान और बारिश जैसी मौसम संबंधी घटनाओं का अधिक सटीक पूर्वानुमान लगाया जा सकेगा। बनारस के अलावा आजमगढ़ और प्रयागराज में भी ऐसी व्यवस्था विकसित की जा रही है। दूसरी ओर, काशी में मौसम की निगरानी के लिए अब 27 मौसम स्टेशनों का नेटवर्क तैयार किया गया है। इससे वाराणसी के विभिन्न क्षेत्रों से बारिश और तापमान सहित अन्य मौसम संबंधी आंकड़े एकत्र किए जा सकेंगे।
यूपी आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ विज्ञानी डॉ. अतुल कुमार सिंह के अनुसार, पिंडरा में स्थापित रडार का अभी कमीशनिंग कार्य पूरा नहीं हुआ है। फिलहाल इसे स्थापित कर दिया गया है और जल्द ही इसके माध्यम से मौसम का अध्ययन शुरू किया जाएगा। उन्होंने बताया कि लखनऊ में पहले से एक रडार कार्यरत है। इसके अलावा दो अन्य रडार लगाए जा रहे हैं। झांसी, अलीगढ़ और बरेली में भी रडार स्थापित किए जा रहे हैं, जबकि गोरखपुर में इसके लिए स्थल का चयन किया जा रहा है।