फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मॉरीशस के उच्चायुक्त पांच पीढ़ी बाद आएंगे अपने गांव, दो महीने खोजने के बाद मिला घर

Tue, 25 Jun 2019 06:54 PM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बलिया
विज्ञापन
उच्चायुक्त धनीलाल शिबू के गांव में पहुंची सर्वे टीम। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

मॉरीशस सरकार के राजदूत (उच्चायुक्त) धनीलाल शिबू का गांव यूपी के बलिया जिले में है। वह बैरिया तहसील का सावन छपरा गांव के ही है। मॉरीशस सरकार के उच्चायुक्त के गांव का पता लगाने के लिए आई छह सदस्यीय टीम ने सर्वे के बाद इसकी पुष्टि की है। टीम ने बताया कि रिपोर्ट भेजने के दो महीने बाद उच्चायुक्त अपने गांव आएंगे।

विज्ञापन


दोकटी थाना क्षेत्र के सावन छपरा गांव से पांच पीढ़ी पहले मॉरीशस सरकार के राजदूत (उच्चायुक्त) धनीलाल शिबू के पूर्वज देश छोड़ कर मॉरीशस चले गए थे। धनीलाल जब वहां पर सक्षम हुए तो उन्हें वतन की याद आई। उन्होंने कई शुभ चिंतकों को कई प्रांतों में भेज कर अपना गांव, जिला, परगना खोजवाना शुरू किया।

इस क्रम में सोमवार को दिल्ली से मंजीत कुमार, नेहा प्रकाश, छपरा के जैतपुर निवासी प्रो ओमप्रकाश सिंह, मुनिल सिंह, मसरख के अरुण सिंह, पटना के केबी सिंह ने कई दिनों के सर्वे के बाद उच्चायुक्त का गांव और घर ढूंढ निकाला। टीम ने बताया कि अब उच्चायुक्त का गांव मिल गया है।
विज्ञापन

 

विज्ञापन

बताया कि रिपोर्ट भेजे जाने के दो महीने के अंदर मॉरीशस सरकार के उच्चायुक्त अपने गांव आएंगे। सदस्यों ने कहा कि उच्चायुक्त ने बताया था कि मेरा जिला गाजीपुर है। परगना द्वाबा और गांव सावन छपरा पूर्वजों ने बताया था। इसी जानकारी के आधार पर टीम सर्वे कर रही थी। गांव में पहुंचने पर लोगों ने बताया कि पहले इस जिले का नाम गाजीपुर ही था, बाद में जिले का बंटवारा होने पर यह बलिया बना।

उस परिवार की सावन छपरा निवासी 105 वर्षीय लक्ष्मीना देवी ने बताया कि हमारे पूर्वज गरीबी के कारण घर से कहीं बाहर कमाने गए थे लेकिन हम लोगों को पता नहीं कि कहां गए। लेकिन टीम के सामने बताया कि हमारे परिवार के ही लोग हैं। मॉरीशस उच्चायुक्त के खोजी टीम के दो सदस्य मंजीत और नेहा मॉरीशस आते जाते रहते हैं। उन्हीं के प्रयास से उच्चायुक्त का पैतृक गांव का पता मिल गया है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें