बताया कि रिपोर्ट भेजे जाने के दो महीने के अंदर मॉरीशस सरकार के उच्चायुक्त अपने गांव आएंगे। सदस्यों ने कहा कि उच्चायुक्त ने बताया था कि मेरा जिला गाजीपुर है। परगना द्वाबा और गांव सावन छपरा पूर्वजों ने बताया था। इसी जानकारी के आधार पर टीम सर्वे कर रही थी। गांव में पहुंचने पर लोगों ने बताया कि पहले इस जिले का नाम गाजीपुर ही था, बाद में जिले का बंटवारा होने पर यह बलिया बना।
उस परिवार की सावन छपरा निवासी 105 वर्षीय लक्ष्मीना देवी ने बताया कि हमारे पूर्वज गरीबी के कारण घर से कहीं बाहर कमाने गए थे लेकिन हम लोगों को पता नहीं कि कहां गए। लेकिन टीम के सामने बताया कि हमारे परिवार के ही लोग हैं। मॉरीशस उच्चायुक्त के खोजी टीम के दो सदस्य मंजीत और नेहा मॉरीशस आते जाते रहते हैं। उन्हीं के प्रयास से उच्चायुक्त का पैतृक गांव का पता मिल गया है।