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निजी डॉक्टरों की हड़ताल से ओपीडी में सन्नाटा

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वाराणसी। नेशनल मेडिकल काउंसिल (एनएमसी) बिल की विसंगतियों के विरोध में बुधवार को निजी डॉक्टरों की हड़ताल के चलते ओपीडी में सन्नाटा रहा। यहां इमरजेंसी में तो मरीज देखे गए लेकिन ओपीडी में आने वालों को लौटना पड़ा। इसके चलते सरकारी अस्पतालों की ओपीडी में मरीजों की भीड़ लगी रही।
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आईएमए के आह्वान पर हुई हड़ताल की वजह से दूरदराज से आए मरीजों को मुसीबत झेलनी पड़ी। आसपास के जिलों से लोग सुबह-सुबह अस्पताल पहुंचे तो देखा कि वहां ओपीडी ठप रहने की नोटिस चस्पा है। जिससे उन्हें निराश हो कर लौटना पड़ा। हालांकि हड़ताल गुरुवार सुबह 6 बजे हड़ताल खत्म हो जाएगी।
डॉक्टरों ने किया प्रदर्शन, बिल को बताया जन विरोधी
आईएमए अध्यक्ष डॉ. भानुशंकर पांडेय और सचिव डा. मनीषा सिंह की अगुवाई में पदाधिकारियों ने आईएमए परिसर में प्रदर्शन कर बिल को अव्यवहारिक होने के साथ ही जनविरोधी बताया। बताया कि गुरुवार सुबह छह बजे तक हड़ताल जारी रहेगी। कहा कि गैर चिकित्सकीय कर्मचारियों को कमीशन में प्रतिनिधित्व देने आदि से न केवल स्वास्थ्य सेवाओं पर इसका असर पड़ेगा बल्कि आमजन को नुकसान भी होगा। इस दौरान डॉ. अशोक राय, डॉ. संजय राय, डॉ. अनिल ओहरी आदि लोग मौजूद रहे।
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सरकारी अस्पतालों की ओपीडी में भीड़
निजी अस्पतालों, नर्सिंग होम में डॉक्टरों की हड़ताल की वजह से बीएचयू सर सुंदरलाल अस्पताल, मंडलीय अस्पताल, दीनदयाल, महिला अस्पताल कबीरचौरा सहित अन्य सरकारी अस्पतालों, शहर और ग्रामीण इलाकों के स्वास्थ्य केंद्रों में मरीजों का दबाव अधिक रहा। अन्य दिनों की भांति मंगलवार को 15 से 20 प्रतिशत मरीज अधिक पहुंचे। मंडलीय अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक डॉ. बीएन श्रीवास्तव ने बताया कि मरीजों की संख्या बढ़ने की वजह से किसी तरह की कोई परेशानी नहीं हुई, सभी का बेहतर इलाज हुआ। उधर, सीएमओ डॉ. वीबी सिंह ने बताया कि हड़ताल की जानकारी होने के बाद ही सरकारी अस्पतालों को निर्देशित किया गया था, ताकि कोई परेशानी न हो।
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