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गरमी ने तोड़ा चार साल का रिकॉर्ड

Sun, 17 Apr 2016 01:57 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
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लगातार बढ़ रही गरमी ने अप्रैल के दूसरे पखवारे के पहले दिन शनिवार को पिछले चार वर्ष का रिकार्ड तोड़ दिया है। शनिवार को अधिकतम तापमान 44.4 डिग्री सेल्सियस पर पहुंचा तो सभी लोग बेहाल हो गए। सूरज के दहकने से जहां बच्चे-महिलाएं पसीने-पसीने हो गए, वहीं घोसलों में चिड़ियों की छांव भी तड़प उठी। मौसम विज्ञानियों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी में कोई सिस्टम न बनने से नम हवाएं ठहर गई हैं। ऐसे हालत में गरमी आम लोगों से लेकर गरीबों और मजदूरों पर भारी पड़ सकती है।
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सूरज के तेवर दिखाने के बाद अस्पतालों की ओपीडी में गले में संक्रमण, वायरल बुखार और पेट संबंधी बीमारियों के मरीजों की संख्या में 25 से 30 फीसदी का इजाफा हो गया है। यही नहीं, उल्टी और दस्त के मामलों में लापरवाही बरतने पर बच्चे डायरिया के शिकार हो रहे हैं। अप्रैल के दूसरे पखवारे की शुरुआत में पारा 44 डिग्री सेल्सियस के पार चला  गया है। इसका सबसे ज्यादा असर सेहत पर पड़ रहा है। जिले के मंडलीय अस्पताल, दीनदयाल उपाध्याय राजकीय अस्पताल सहित अन्य सरकारी अस्पतालों में आने वाले मरीजों में सबसे ज्यादा लोग वायरल बुखार, उल्टी, दस्त से परेशान हैं, जबकि कुछ के शरीर में खुजली के साथ ही चकते भी पड़ रहे हैं। दीनदयाल अस्पताल के फिजीशियन डॉ. पीके सिंह के मुताबिक ओपीडी में पहले जहां 70-75 मरीज आते थे, वहीं पंद्रह दिन से संख्या बढ़कर 100 तक पहुंच रही है। वहीं मंडलीय अस्पताल के चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. अरविंद सिंह ने बताया कि इस मौसम में फंगल इंफेक्शन का खतरा अधिक रहता है, जिससे शरीर में खुजली अधिक होती है।  ऐसे मेें हमें और अलर्ट रहना होगा।


 कबीरचौरा स्थित शिवप्रसाद गुप्त मंडलीय अस्पताल के वार्डों में भर्ती मरीजों का गर्मी से बुरा हाल हो रहा है। जहां कुछ वार्डों में पंखा नहीं चल रहा है वहीं पिछले साल गर्मी से राहत के लिए मिले कूलर भी अब तक नहीं रखवाए गए हैं। लिहाजा मरीजों का वार्डों से पलायन भी शुरू हो गया है। उधर  अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक ने जल्द ही कूलर लगवाने की बात कही है। तापमान में हर दिन बढ़ोत्तरी होती जा रही है। पिछले साल मरीजों की सुविधाओं के लिए एक सपा नेता ने दस कूलर दान दिए थे वह भी स्टोर में रखे धूल फांक रहे हैं। इसके अलावा कई वार्डों में पंखे खराब पड़े हैं। सबसे ज्यादा संकट बर्न वार्ड में भर्ती मरीजों की है, यहां मरीजों की सुविधा के लिए लगी एसी भी नहीं चल पा रही है। गर्मी सहन न कर पाने की दशा में यहां भर्ती कछवा की प्रियंका और नेहा समेत तीन मरीज घर चले गए। इस बारे में प्रमुख अधीक्षक डॉ. सीपी कश्यप ने बताया कि बर्न वार्ड में खराब एसी को बनवाने के साथ ही वार्डों में बंद पड़े पंखे भी जल्द ही सही करवा दिए जाएंगे, जिससे कि मरीजों को राहत मिले। बर्न वार्ड में भर्ती दोनों मरीज अपनी मर्जी से घर जाना चाहते थे, जिसके लिए उन्होंने लिखित सूचना दी।
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