उधर, मामले से जुड़ी एक याचिका पर हाईकोर्ट में बृहस्पतिवार को सुनवाई होनी है। 2011 में शासन ने दो आराजियों से जुड़े कब्जे के मामले में पीपी एक्ट के तहत बेदखली आदेश पारित किया था। क्लब ने जिला जज की अदालत में अपील की, जो करीब 15 साल से लंबित है। बनारस बार के पूर्व महामंत्री नित्यानंद राय की पक्षकार बनने की अर्जी खारिज होने पर उन्होंने हाईकोर्ट में चुनौती दी है। राय का दावा है कि क्लब की 1925 की पांच आराजियों की लीज का नियमानुसार नवीनीकरण नहीं हुआ, इसलिए कब्जा अवैध है।