राहुल गांधी ने साल 2024 में अपनी अमेरिका यात्रा के दौरान सिखों को लेकर एक विवादित बयान दिया था। राहुल ने कहा था कि भारत में सिखों को पगड़ी बांधने, कड़ा पहनने और गुरुद्वारा जाने की अनुमति नहीं है।
कांग्रेस के सांसद व सदन में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के अमेरिका में दिए बयान के मामले में अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट चतुर्थ एमपी एमएलए नीरज त्रिपाठी की अदालत में बुधवार को सुनवाई पूरी हो गई। न्यायालय ने फैसला सुरक्षित रख लिया है। 17 अक्तूबर को कोर्ट अपना फैसला सुनाएगी।
विज्ञापन
वादी तिल्मापुर निवासी नागेश्वर मिश्र ने बताया कि राहुल गांधी ने साल 2024 में अपनी अमेरिका यात्रा के दौरान सिखों को लेकर एक विवादित बयान दिया था। राहुल ने कहा था कि भारत में सिखों को पगड़ी बांधने, कड़ा पहनने और गुरुद्वारा जाने की अनुमति नहीं है।
राहुल गांधी के इस बयान का खालिस्तानी आतंकवादी गुरपतवंत सिंह पन्नू ने समर्थन किया था। वादी नागेश्वर मिश्र ने इसे भारत विरोधी बयान बताते हुए अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट चतुर्थ वाराणसी की कोर्ट में वाद प्रस्तुत किया था।
विज्ञापन
उक्त कोर्ट ने नागेश्वर मिश्र की याचिका को 28 नवंबर 2024 को यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि देश के बाहर किए गए अपराध के संबंध में भारत सरकार की पूर्वानुमति के बिना नहीं मुकदमा नहीं चलाया जा सकता। इसके विरुद्ध नागेश्वर मिश्र ने अपर सत्र न्यायालय पंचम के समक्ष एक पुनर्विचार याचिका प्रस्तुत की।