पांडेयपुर फ्लाईओवर और चौकाघाट क्रॉसिंग का निर्माण कार्य कराने वाली मेसर्स एनकेजी इंफ्रॉस्ट्रक्चर लिमिटेड का तीन करोड़ दो लाख 56 हजार 727 रुपये का भुगतान न होने पर कॉमर्शियल कोर्ट के न्यायाधीश पीएन राय ने सख्त रुख अख्तियार किया है। अदालत ने मुख्य कोषाधिकारी और चीफ इंजीनियर (वर्ल्ड बैंक), पीडब्ल्यूडी लखनऊ को आदेश दिया है कि वह चीफ इंजीनियर (वर्ल्ड बैंक), पीडब्ल्यूडी लखनऊ का ट्रेजरी कोड स्पष्ट करें। ताकि, तीन करोड़ दो लाख 56 हजार 727 रुपये कुर्क कर भुगतान सुनिश्चित कराया जा सके। सुनवाई की अगली तिथि नौ अप्रैल है।
एनकेजी इंफ्रॉस्ट्रक्चर की ओर से निर्माण कार्य 31 मई 2011 को पूरा किया गया था। कार्यदायी संस्था का भुगतान चीफ इंजीनियर (वर्ल्ड बैंक), पीडब्ल्यूडी लखनऊ की ओर से नहीं किया गया। मेसर्स एनकेजी इंफ्रॉस्ट्रक्चर लिमिटेड ने आर्बिट्रेशन ट्रिब्यूनल के समक्ष चीफ इंजीनियर (वर्ल्ड बैंक), पीडब्ल्यूडी लखनऊ के खिलाफ वाद प्रस्तुत किया।
जिसमें तीन आर्बिट्रेटर ने दोनों पक्षों को सुनकर साक्ष्य के आधार पर एनकेजी इंफ्रॉस्ट्रक्चर के पक्ष में निर्णय सुनाया। कहा कि चीफ इंजीनियर (वर्ल्ड बैंक), पीडब्ल्यूडी लखनऊ एनकेजी इंफ्रॉस्ट्रक्चर के बकाया का भुगतान करें। भुगतान नहीं किया गया तो एनकेजी इंफ्रॉस्ट्रक्चर ने कामर्शियल कोर्ट में इजरा वाद (डिक्री के अनुसार धन वसूलने की विधिक प्रक्रिया) दाखिल किया।