वाराणसी। कोरोना वायरस के संक्रमण, बचाव एवं रोकथाम के लिए सीएमओ डॉ. वीबी सिंह ने बीएचयू बृहस्पतिवार को सरसुंदर लाल अस्पताल के कक्ष संख्या 103 में अलग से स्थापित कोरोना वायरस ओपीडी और सुपर स्पेशिलियटी भवन में स्थापित आइसोलेसन वार्ड का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि ओपीडी मे प्रतिदिन 100 से अधिक व्यक्तियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है। संदिग्ध मरीजों को अलग से आइसोलेसन वार्ड में रखा जा रहा है। जिले में अब गक 41766 लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है। अब तक 11 व्यक्तियों को सरकारी कोरोनटाइन एरिया में रखा गया। बृहस्पतिवार को 5 व्यक्तियों समेत अब तक कुल 181 व्यक्तियों को होम क्वारंटीन किया गया और वो स्वस्थ हैं। इसके साथ ही बृहस्पतिवार को 143 थर्मल स्कैनिंग के साथ ही अब तक 41766 व्यक्तियों की थर्मल स्कैनिंग की जा चुकी है। सर सुंदर लाल अस्पताल मे 4 नये संदिग्ध मरीज भर्ती हुए। पहले से भी एक संदिग्ध मरीज भर्ती है। इसके अलावा दीन दयाल उपाध्याय जिला चिकित्सालय के आइसोलेसन वार्ड में वाराणसी के दो नए मरीज भर्ती हुए। वर्तमान में यहां कुल 11 मरीज भर्ती हैं। बताया कि माइक्रोबायोलाजी विभाग बीएचयू में वाराणसी के अब तक 78 संदिग्ध व्यक्तियों का नमूना जांच के लिये भेजा गया। जो एक नमूना पाजीटिव मिला है। उसका नमूना पुन: जांच के लिये भेजा गया है।
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मिर्जापुर के संदिग्ध की मौत की साइड स्टोरी
कोरोना की रिपोर्ट निगेटिव, मल्टी आर्गन फेल होना मौत की वजह
-24 मार्च से ही आइसोलेशन वार्ड में चल रहा था इलाज
अमर उजाला ब्यूरो
वाराणसी। बीएचयू के सुपर स्पेशिलिटी कांप्लेक्स के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती 50 वर्षीय संदिग्ध की कोरोना की रिपोर्ट निगेटिव थी। उसके मौत की वजह मल्टी ऑर्गन फेल होना बताया जा रहा है।
मिर्जापुर निवासी संदिग्ध हाल ही में बाहर की यात्रा कर लौटा था। घर आने पर जब सर्दी खांसी बुखार होने लगा तो शुरुआत में परिजनों ने स्थानीय स्तर पर दवा की लेकिन जब बहुत राहत नहीं मिली तो बीएचयू लेकर आए। 24 मार्च को यहां आने के बाद जांच में संदिग्ध मिलने के बाद उसे आइसोलेशन वार्ड में भर्ती करने का निर्णय लिया गया। चिकित्सकों ने सैंपल लेने के बाद उसका इलाज शुरू कर दिया। इस बीच 25 मार्च को उसकी रिपोर्ट तो निगेटिव आ गई लेकिन हालत गंभीर बनी हुई थी। बीएचयू की ओर से जारी रिपोर्ट में कोरोना की जांच निगेटिव बताई गई है। लेकिन अस्पताल में इलाज के दौरान उसका मल्टी आर्गन फेल होने से मौत हो गई। इस बारे में बीएचयू पीआरओ डॉ. राजेश सिंह ने बताया कि अस्पताल में आने वाले संदिग्धों की सैंपल लेने के बाद जांच रिपोर्ट आने तक आइसोलेशन वार्ड में रखकर इलाज किया जाता है। संबंधित मरीज का मल्टी आर्गन फेल होने से मौत हो गई। इसकी सूचना नियमानुसार स्वास्थ्य विभाग को दी जा चुकी है।