सूबे के स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने जाना चिकित्सा सेवा की हकीकत
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समाज के अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने का संकल्प हमारी सरकार ने लिया है। इस पर काम शुरू हो गया है। इसके तहत दिन की ओपीडी के साथ-साथ अस्पतालों-स्वास्थ्य केंद्रों पर शाम की ओपीडी भी शुरू की जाएगी। यहां चिकित्सक दो-दो घंटे सेवाएं देंगे।
अस्पतालों में चिकित्सकों-कर्मचारियों की कमी दूर कराकर जांच से संबंधित कमियां भी पूरा कराई जाएंगी। चिकित्सा सेवा की हकीकत जानने आए सूबे के स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने लहुराबीर के आईएमए बिल्डिंग में आयोजित डॉक्टर्स मीट में यह बातें कहीं।
मंत्री ने डॉक्टरों की समस्याओं कासमाधान कराने का आश्वासन तो दिया साथ ही व्यवस्था में सुधार के लिए प्राइवेट प्रैक्टिस न करने, जेनेरिक दवा लिखने का पाठ भी पढ़ाया। मंत्री ने बताया कि प्राइवेट प्रैक्टिस करने वाले 270 सरकारी डॉक्टरों की फाइल तैयार हो गई है।
गरीबों तक जल्द स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचेंगी। शाम की ओपीडी चलने से शहर के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों के लोगों को लाभ मिलेगा। इसके लिए डॉक्टरों को एक निश्चित मानदेय भी दिया जाएगा। इसके लिए उन्होंने आईएमए का सहयोग भी मांगा।
कहा कि लंबे समय से अस्पतालों में कार्यरत चिकित्सकों-कर्मचारियों का ट्रांसफर नहीं हुआ है, इसके लिए जल्द ही ट्रांसफर पोस्टिंग नियमावली बनाई जाएगी, ताकि मनमानी पर अंकुश लग सके।
इस दौरान उन्होंने प्राइवेट प्रैक्टिस करने वालों से हफ्ते में चार घंटे का समय मांगा, ताकि स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर किया जा सके।