एनएचएम के तहत मिले थे 64.16 करोड़ रुपये
वित्तीय वर्ष समाप्त होने में महज डेढ़ महीने ही बचे हैं, ऐसे में बनारस में केवल 64 प्रतिशत बजट ही खर्च हो पाया है। एनएचएम (नेशनल हेल्थ मिशन ) के तहत बनारस को 64 करोड़ 16 लाख रुपये मिले थे लेकिन जनवरी तक महज 41 करोड़ 25 लाख ही खर्च हो पाया। एनएचएम की ओर से कम बजट खर्च करने वाले जिलों की सूची में 27वां नबर है।
नेशनल हेल्थ मिशन की ओर से हर साल प्रदेश के सभी जिलों के लिए निर्धारित बजट जारी किया जाता है। इसके तहत जननी सुरक्षा योजना, पल्स पोलियो, टीकाकरण, अंधता निवारण आदि योजनाओं का संचालन होता है।
मिशन की ओर से बनारस को 64.16 करोड़ रुपये जारी किया गया था, इसमें जनवरी 2018 तक जिले में 41 करोड़ 25 लाख 82 हजार खर्च हुआ है। अब 31 मार्च तक इसमें से बचा 22 करोड़ 90 लाख 91 हजार रुपये खर्च करना है।
अगर किन्हीं कारणों से इस धनराशि का उपयोग नहीं हो सका तो धनराशि वापस भी हो सकती है। जारी सूची में सर्वाधिक बजट खर्च करने में बांदा नंबर वन पर है जबकि लखनऊ में सबसे कम 47.33 प्रतिशत खर्च हो पाया है।
सीएमओ डॉ. वीबी सिंह ने कहा कि अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों के साथ ही विभाग की ओर से मातृ, शिशु स्वास्थ्य को लेकर बीएचयू में भी कई योजनाएं चल रही है। इसमें बीएचयू की योजनाएं अंतिम चरण में हैं। नियमानुसार निर्धारित समयावधि के भीतर सभी काम चल रहे हैं, जिससे कि किसी तरह की असुविधा न हो।