इस वैरियंट के सैंपल की जांच की व्यवस्था अभी जिले में नहीं हैं। ऐसे में शासन से जांच के लिए भी दिशा निर्देशन मांगा गया है, जिससे अगर कोई सैंपल भेजना हो तो भेजा जा सके।
नए वैरियंट से निपटने को लेकर शासन ने रणनीति बनानी शुरू कर दी है। इसमें जिलेवार सीएमओ से कोरोना टीकाकरण कराने वालों की सूची मांगी गई है। इसमें पहली, दूसरी डोज वालों की अलग-अलग सूची तैयार कराई जा रही है। अभी जिले में प्रथम और द्वितीय डोज के बीच करीब 10 लाख का अंतर है, इसे पूरा करना चुनौती बनी है।
कोरोना के अलग-अलग वैरियंट पर शोध करने वाले बीएचयू प्राणि विज्ञान विभाग के प्रो. ज्ञानेश्वर चौबे का कहना है कि डेल्टा वैरियंट के मुकाबले कोरोना के इस नए वैरियंट ओमाक्रॉन के संक्रमण का प्रभाव अधिक है। इससे संक्रमित व्यक्ति दो लोगों को संक्रमण दे सकता है। ऐसे में अधिक सतर्कता बरतने की जरूरत है। यह अन्य डेल्टा वैरियंट से अलग है। इससे बचाव के लिए लोगों को कोविड प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करना होगा।