मामले को गंभीरता से लेते हुए बीएसए कार्यालय ने 13 अप्रैल को प्रधानाध्यापक से स्पष्टीकरण मांगा, लेकिन उनका जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया। जारी आदेश में कहा गया है कि यह कृत्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के प्रावधानों का उल्लंघन है और शिक्षक पद की गरिमा के विपरीत है। इसे लेकर प्रधानाध्यापक को निलंबित किया गया। साथ ही उन्हें खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय अजमतगढ़ से संबद्ध किया गया है। बीएसए ने खंड शिक्षा अधिकारी हरैया को मामले की विस्तृत जांच सौंपी गई है और आरोप पत्र तैयार कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
विद्यालय में बच्चों से गैर-शैक्षणिक कार्य कराए जाने और मध्यान्ह भोजन व्यवस्था में अनियमितताओं की शिकायत अत्यंत गंभीर है। मामले की जांच के बाद संबंधित प्रधानाध्यापक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। विद्यालयों में बच्चों के अधिकारों और गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। मामले की विस्तृत जांच के लिए खंड शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया गया है।- राजीव कुमार पाठक, बीएसए आजमगढ़।