वाराणसी। इंदरपुर गांव के पूर्व प्रधान विजेंद्र यादव उर्फ पप्पू की हत्या में नामजद 25 हजार के इनामी बदमाश और बड़ागांव थाने के हिस्ट्रीशीटर अनिल यादव उर्फ भूसी को बृहस्पतिवार को अदालत में पेश किया गया। अदालत ने अनिल को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया। अनिल के पास से वारदात में प्रयुक्त .32 बोर की देसी पिस्टल, एक कारतूस और एक बाइक बरामद की गई है। वारदात में पुलिस को अनिल के मौसेरे भाई जौनपुर के केराकत थाना के खटहरा निवासी संतोष यादव की तलाश है।
बीती 10 अप्रैल को बड़ागांव थाना के इंदरपुर गांव निवासी पूर्व प्रधान विजेंद्र पर अंधाधुंध फायरिंग कर हत्या कर दी गई थी। वारदात को लेकर बड़ागांव थाने में इंदरपुर गांव निवासी हिस्ट्रीशीटर अनिल यादव के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया गया था। एसपी ग्रामीण अमित वर्मा ने बताया कि सीओ पिंडरा अभिषेक कुमार पांडेय के पर्यवेक्षण में बड़ागांव एसओ मुरलीधर और दरोगा अनिल कुमार की टीम ने अनिल की तलाश शुरू की। पुलिस टीम को सूचना मिली कि अनिल किसी काम से फतेपुर मोड़ के पास आया है तो घेरेबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ के बाद उसे अदालत में पेश कर जेल भेज दिया गया। संतोष की तलाश में पुलिस की दो टीमें दबिश दे रही हैं।
-------------------
जमीन के विवाद की रंजिश में आठ राउंड फायरिंग कर की थी हत्या
वाराणसी और जौनपुर में 17 आपराधिक मुकदमों के आरोपी अनिल यादव उर्फ भूसी ने बताया कि विजेंद्र यादव उर्फ पप्पू ने उसके चाचा मुरारी यादव की पांच बीघा जमीन की रजिस्ट्री करा ली थी। उसके चाचा मुंबई रहते हैं और उनकी जमीन को वह लेना चाहता था। इसी रंजिश में बीती 10 अप्रैल की रात आठ बजे के लगभग उसने विजेंद्र को फोन कर ढोलबजवा सैरा मोड़ के पास बुलाया। विजेंद्र जैसे ही वहां आया तो वह अपनी मौसी के लड़के संतोष यादव के साथ मिलकर पिस्टल से आठ राउंड फायरिंग कर बाइक भाग निकला। वारदात के बाद दोनों ठिकाने बदल-बदल कर जौनपुर में ही रह रहे थे। वह फतेपुर मोड़ के समीप अपने एक करीबी से मिलने आया था इसी बीच पकड़ा गया।