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बलिया के हरिवंश नारायण चुने गए राज्यसभा के उपसभापति, ऐसा रहा उनके पत्रकार से नेता बनने तक का सफर

Thu, 09 Aug 2018 02:15 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बलिया
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harivansh narayan - फोटो : self
यूपी के बलिया जिले के रहने वाले हरिवंश नारायण सिंह एनडीए की तरफ से राज्यसभा के उपसभापति बन गए हैं। उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार बीके हरिप्रसाद को 125 के मुकाबले 105 वोटों से हरा दिया है। इस खबर के बाद से उनके पैतृक गांव में खुशी का माहौल है। वरिष्ठ पत्रकार हरिवंश का जन्म 30 जून 1956 को बलिया जिले के दलजीत टोला सिताबदियारा में हुआ। आगे की स्लाइड्स में देखें...

 
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harivansh narayan - फोटो : self
हरिवंश ने अपनी प्राथमिक और उच्च प्राथमिक शिक्षा गांव के सटे टोला काशी राय स्थित स्कूल से शुरू की। उसके बाद, जेपी इंटर कालेज सेवाश्रम (जयप्रकाशनगर) से 1971 में हाईस्कूल पास करने के बाद वे वाराणसी पहुंचे। वहां यूपी कॉलेज से इंटरमीडिएट और उसके बाद काशी हिंदू विश्वविद्यालय से स्नातक किया और पत्रकारिता में डिप्लोमा की डिग्री हासिल की। 

 
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harivansh narayan - फोटो : self
अप्रैल 2014 में उन्हें राज्यसभा के लिए बिहार से चुना गया। उनका कार्यकाल अप्रैल 2020 में पूरा होगा। हरिवंश को जयप्रकाश नारायण (जेपी) ने सबसे ज्यादा प्रभावित किया। बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में डिप्लोमा के दौरान ही वर्ष 1977-78 में टाइम्स ऑफ इंडिया समूह मुंबई में प्रशिक्षु पत्रकार के रूप में उनका चयन हुआ। 

 

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harivansh narayan - फोटो : self
इसके बाद वे टाइम्स समूह की साप्ताहिक पत्रिका धर्मयुग में 1981 तक उप संपादक रहे। 1981-84 तक हैदराबाद एवं पटना में बैंक ऑफ इंडिया में नौकरी की और वर्ष 1984 में इन्होंने पत्रकारिता में वापसी की और 1989 अक्तूबर तक आनंद बाजार पत्रिका समूह से प्रकाशित रविवार साप्ताहिक पत्रिका में सहायक संपादक रहे।

 
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harivansh narayan - फोटो : अमर उजाला
हरिवंश को शिक्षा देने वाले क्षेत्र के सेवानिवृत्त शिक्षक रामकुमार सिंह बताते है कि पढ़ाई के दौरान ही हरिवंश बातें कम करता था लेकिन किसी भी प्रश्न पर तर्क वितर्क अवश्य करता था। जिससे यह विश्वास था कि हरिवंश अवश्य हमारे क्षेत्र सहित देश का नाम करेगा। सुनकर हमें आज गर्व हो रहा है कि वह यहीं के सरकारी स्कूल का छात्र है। इससे आज के युवकों को प्रेरणा लेनी चाहिए। 

 
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harivansh narayan - फोटो : self
हाईस्कूल में गणित पढ़ाने वाले सेवानिवृत्त शिक्षक सुरेश कुमार गिरि बड़े गर्व से कहते हैं कि हरिवंश को गणित की शिक्षा हमने दी थी। उस समय भी हरिवंश कक्षा में आगे बैठकर गम्भीरता से मात्र पढाई करने में जुटा रहता था और उस समय भी विद्यालय में सबसे होनहार छात्र के रूप रहा। आज इतने बड़े पद पर होते हुए भी गांव पहुंचते ही अपने गुरुजनों को कभी नहीं भूलता। 
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