पूर्वांचल में सियासी संभावनाएं तलाश रहे गुजरात के पाटीदार नेता हार्दिक पटेल दो दिन तक वाराणसी को केंद्र बिंदु बनाकर पटेल समुदाय और किसान-कमेरों के बीच गए। शनिवार शाम यहां आए रविवार को हार्दिक गुजरात लौट गए लेकिन फरवरी में आयोजित होने वाली किसान महापंचायतों के दौरान बतौर मुख्य अतिथि फिर आएंगे। हार्दिक के वाराणसी से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विपक्ष के संयुक्त उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ने की अटकलें लगाई जा रही हैं। हालांकि उन्होंने अभी अपने पत्ते नहीं खोले हैं।
रविवार को बाबा विश्वनाथ के दर्शन-पूजन के बाद पटेल ने वाराणसी में विकास कार्यों की हालत पर तंज कसा। कहा, केंद्र सरकार विकास की बात कर रही है, लेकिन काशी में तो जाम और गड्ढे हैं। विश्वनाथ कॉरिडोर पर उन्होंने कहा कि यह धार्मिक कार्य है। इस पर मेरी कोई टिप्पणी नहीं है।
दो दिन के दौरे में पटेल ने बीएचयू के समीप 250 गांवों के प्रतिनिधियों से बातचीत की। इनमें किसान क्रांति सेना के प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश कटियार के नेतृत्व में किसान आए थे।