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Happy New Year 2021: उमंग-उल्लास संग नूतन वर्ष का अभिनंदन

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अस्सी स्थित अंगीठी रेस्टोरेंट में नया साल पर नाचते झूमते लोग ।
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वाराणसी। नव वर्ष 2021 का स्वागत काशीवासियों ने पूरी मस्ती से किया। बृहस्पतिवार को घड़ी की सुइयां जैसे ही 12 पर मिलीं, वैसे ही शहर में धूम धड़ाका शुरू हो गया। आसमान में आतिशबाजी से सतरंगी छटाएं रह रहकर छाती रहीं। मंदिरों में जहां आरती, पूजा-पाठ और भजन कीर्तन हुआ। वहीं शहर के कई होटलों व लॉन में गायन, वादन और नृत्य की त्रिवेणी बही। कॉकटेल और मॉकटेल के दौर के बीच लजीज व्यंजनों का लोगों ने स्वाद चखा।
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घरों में कटा केक रहा जश्न का माहौल
होटल-रेस्टोरेंट संग घरों में भी नए साल का स्वागत धूमधाम से हुआ। कई युवाओं ने घर की छत पर ही म्यूजिक सिस्टम लगाकर महफिल सजाई। तो कहीं सर्द रात में कैंप फायर और तंदूरी पार्टी का लुफ्त उठाया गया। बच्चा पार्टी ने केक काटकर माता पिता संग सबको हैप्पी न्यू ईयर कहा।
घरों में बना इंडियन व चाइनीज व्यजंन
कोरोना काल में जो परिवार होटल में जाकर नए साल का जश्न नहीं मना पाए, उन्होंने घरों में ही इंडियन, चाइनीज और इटालियन व्यंजनों का स्वाद चखा।
नन्हे-मुन्ने संग बांटी नए साल की खुशियां
नए साल का स्वागत जहां लोगों ने परिवार के साथ किया। वहीं भारतीय मानवाधिकार की जिला महिला प्रमुख सारिका दुबे व डेस्टिनी बैंड के कलाकारों ने लंका स्थित शांति निकेतन अनाथ आश्रम में रहने वाले बच्चों संग खुशियां बांटी। कार्यक्रम में बैंड के कलाकारों ने बच्चों के मनपसंद गीतों की फरमाइश पर उनका मनोरंजन किया और उपहार बांटे। इस अवसर पर शुभ्रांत दुबे, अभिषेक सिंह, यश जायसवाल, जितेंद्र यादव, आशा, पूजा कुमारी, पूर्णिमा सिंह, अभिमन्यु सिंह, आशीष सिंह, सत्यम, गौरव श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।
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12 बजते ही बज उठें चर्च के घंटे
नव वर्ष की अगवानी व पुराने साल को अलविदा कहने के लिए बृहस्पतिवार की रात महागिरजा समेत तमाम चर्चों में प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया। शहर के गिरजाघर चर्च सजधज कर पहले से ही तैयार थे। मध्यरात्रि की शुरुआत होते ही केक काटे गए और कैरोल सिंगिंग की धुन फिजा में गूंज उठी।
नव वर्ष पर हुआ था यीशु का नामकरण
रामकटोरा चर्च के पादरी आदित्य कुमार ने बताया कि क्रिसमस के दिन जग के राजा ईसा मसीह धरती पर जन्मे थे और नया साल का पहला दिन प्रभु यीशु मसीह के नामकरण का दिन है। प्रभु यीशु बाल रूप में धरती पर आए थे, इसलिए भी नव वर्ष का बड़ा महत्व है।
शाम से शुरू हो गई थी चर्च में आराधना
नव वर्ष की पूर्व संध्या से ही चर्च में आराधना शुरू हो चुकी थी। रात 12 बजते ही बुराइयों का प्रतीक पुतला जलाया गया। सेंट मेरिज महागिरजाघर के बिशप यूजीन जोसेफ ने आराधना कराई तो सीएनआई चर्च रामकटोरा में पादरी आदित्य कुमार ने बाइबिल का पाठ किया। सेंट पॉल चर्च सिगरा में पादरी सेम जोशुआ सिंह व चर्च ऑफ बनारस में पास्टर बेन जॉन, लाल चर्च में पादरी संजय दान, सेंट बेटलफुल गोस्पेल चर्च में पास्टर एंड्रयू थॉमस, विजेता प्रेयर मिनिस्ट्रीज में पास्टर अजय कुमार ने नववर्ष के स्वागत में आराधना की। सेंट जॉन्स मढौली में फादर हेनरी, यीशु माता चर्च शिवपुर में फादर रोजलीन राजा ने आराधना कराई। सेंट जोसेफ चर्च लोहता, फातेमा चर्च में भी नव वर्ष की खुशियां मनाई गईं। रात 12 बजते ही चर्च के घंटे बज उठे और मसीही समाज के घरों व कॉलोनी में एक साथ हैप्पी न्यू ईयर गूंजा।
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