मुकद्दस सफर ‘हज 2018’ के लिए आवेदन की अंतिम तिथि सात दिसंबर से बढ़ाकर अब 22 दिसंबर कर दी गई है। मुंबई में हज कमेटी ऑफ इंडिया की हुई बैठक में यह निर्णय गुरुवार को लिया गया। सेंट्रल हज कमेटी के सदस्य डॉ. इफ्तिखार अहमद जावेद ने बताया कि पासपोर्ट जारी होने की तारीख भी बढ़ाकर 22 दिसंबर कर दी गई है। इससे जिन हज आवेदकों के पासपोर्ट अभी तक नहीं मिल पाए हैं, उन्हें राहत मिलेगी।
उन्होंने बताया कि बैठक में तय हुआ कि 70 साल की उम्र से ज्यादा के जाइरीन के साथ एक सहयोगी जा सकता है। उन्हें लॉटरी सिस्टम से बाहर रखा जाएगा। यह भी निर्णय लिया गया कि 2017 के दौरान हज यात्रियों को जो सुविधाएं नहीं मिल पाई थीं, उन्हें उसकी रकम वापस की जाएगी।
मसलन अजीजिया में ठहरे प्रत्येक हज जाइरीन को बस यात्रा के 522 रुपये वापस मिलेंगे। मदीने में मरकजिया इलाके के बाहर रुके हाजियों को 51,878 रुपये वापस होंगे। जिन हाजियों को मीना में मेट्रो में जगह नहीं मिल पाई थी और वो बस से गए थे, उन सभी को 1217 रुपये वापस मिलेंगे।
कुल रिफंड लगभग 45 करोड़ रुपये है। यह धनराशि हाजियों को वापस करने की जिम्मेदारी बॉम्बे मर्केंटाइल को-ऑपरेटिव बैंक को दी गई है। ऑनलाइन आवेदन बढ़ाने के लिए हज कमेटी ऑफ इंडिया ने इस बार राज्य हज कमेटियों को आवेदन फॉर्म की बुकलेट जारी नहीं की है।
हालांकि, ऑफलाइन आवेदन जमा करने की छूट देकर वेबसाइट www.hajcommittee.gov.in से हज आवेदन फॉर्म का प्रारूप डाउनलोड कर भरने के साथ ही प्रारूप की फोटो कॉपी भी मान्य है।