केंद्र सरकार की ओर से मुकद्दस हज का सफर निरस्त कर दिया गया है। सेंट्रल हज कमेटी के पूर्व सदस्य डॉ. इफ्तिखार अहमद जावेद ने बताया कि सऊदी हुकूमत ने कोरोना संक्रमण के कारण केवल स्थानीय लोगों को सीमित संख्या में हज कराने का निर्णय लिया है। ऐसे में जायरीन की पूरी रकम वापस कर दी जाएगी।
उन्होंने बताया कि हज के जायरीनों ने जो भी रकम जमा कराई है, उसमें एक रुपये की कटौती भी नहीं की जाएगी। हज कमेटी ऑफ इंडिया पूरी रकम तय बैंक खाते में वापस कर देगी। दरअसल, पहले हज यात्रा निरस्त करने पर एक हजार रुपये कटौती का प्रावधान था। इस बार कोरोना महामारी की वजह से कटौती नहीं होगी।
डॉ. जावेद ने चयनित हज जायरीन को हज कमेटी ऑफ इंडिया पर भरोसा रखने की अपील करते हुए कहा कि सभी का पैसा सुरक्षित है और जल्द ही रकम वापस आ जाएगी। उधर, वाराणसी के शिया जामा मस्जिद के प्रवक्ता हाजी फरमान हैदर ने हज कमेटी आफ इंडिया से मांग की है कि वह जायरीन का पैसा ब्याज समेत वापस करें और जायरीन ब्याज में मिली रकम गरीबों और जरूरतमंदों में बांट दें।