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Gyanvapi Case: ज्ञानवापी को लेकर लंबित मुकदमों में अगली सुनवाई पांच अक्तूबर को, ये हैं मामले

Sat, 21 Sep 2024 12:17 PM IST
नितीश कुमार पांडेय अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी

सार

ज्ञानवापी श्रृंगार गौरी मामले में वाराणसी की जिला अदालत में शनिवार को सुनवाई हुई। इसके साथ अन्य मामलों में भी सुनवाई हुई।
 
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Gyanvapi Case - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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ज्ञानवापी को लेकर लंबित मुकदमों में अगली सुनवाई के लिए जिला जज संजीव पांडेय ने पांच अक्तूबर की तिथि नियत की है। शनिवार को सुनवाई के दौरान भगवान आदि विश्वेश्वर विराजमान की ओर से किरण सिंह द्वारा दाखिल मुकदमे में पक्षकारों के प्रार्थना पत्र पर सुनवाई हुई। 

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पक्षकारों की ओर से प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया कि मूल मुकदमे और पुनरीक्षण याचिका की सुनवाई एक साथ जिला जज की अदालत में नहीं हो सकती है। ऐसे में मूल मुकदमे को किसी अन्य कोर्ट में स्थानांतरित किया जाए अथवा अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी की ओर से दाखिल पुनरीक्षण याचिका को निरस्त किया जाए। 

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जिला जज इस मुकदमे में इलाहाबाद हाईकोर्ट में दाखिल याचिका के संबंध में पक्षकारों के अधिवक्ता से प्रश्न किए। अधिवक्ता का जवाब जानने के बाद जिला जज ने अगली सुनवाई के लिए पांच अक्तूबर की तिथि नियत कर दी।
 

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कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय का बयान बतौर मुल्जिम दर्ज
एक दुकानदार की संपत्ति पर कब्जे के दौरान मारपीट व फायरिंग के मामले में दर्ज गैंगस्टर एक्ट व आईपीसी के 14 साल पुराने मुकदमे में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय का बयान बतौर मुल्जिम दर्ज किया गया। विशेष न्यायाधीश (गैंगस्टर एक्ट) यजुवेंद्र विक्रम सिंह की अदालत में लंबित इस मुकदमे में शनिवार को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय अपने अधिवक्ता के साथ पेश हुए। जिसके बाद अदालत में उनका बयान दर्ज किया गया। बयान दर्ज होने के बाद अदालत ने इस मामले में शेष चार आरोपियों का बयान दर्ज करने के लिए अगली तिथि 23 सितंबर नियत कर दी।

जगतगंज निवासी भानु प्रताप सिंह ने 26 मार्च 2010 को चेतगंज थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप है कि उनकी सम्राट बीज कंपनी के नाम से जगतगंज में स्थित एक जमीन पर लगभग 25 वर्षों से दुकान हैं। 26 मार्च 2010 को तत्कालीन विधायक अजय राय के कहने पर उनके सहयोगी पार्षद संजय राय डॉक्टर, संतोष राय, विजय गुरु, चंद्रभूषण राय, सलील दूबे समेत लगभग 24-25 लोग हाथों में पिस्तौल और खतरनाक हथियारों से लैस होकर जबरदस्ती मारने-पीटने लगे। सभी ने डराते हुए कहा कि यह संपत्ति हमारी है। इसे छोड़कर भाग जाओ, नहीं तो जान से मार देंगे। इसी मामले में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय कोर्ट में पेश हुए थे।
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