फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ज्ञानवापी: मसाजिद कमेटी को लिखित आपत्ति दाखिल करने के अंतिम अवसर, चादर चढ़ाने के केस में 13 नवंबर को सुनवाई

Fri, 16 Oct 2026 01:03 PM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

ज्ञानवापी मामले में अदालत ने मसाजिद कमेटी को लिखित आपत्ति दाखिल करने का अंतिम अवसर दिया है। निर्धारित समयसीमा में आपत्ति दाखिल नहीं करने पर मामले की सुनवाई आगे बढ़ सकती है। अदालत की इस कार्यवाही से मामले में अगली सुनवाई की दिशा तय होगी। कमेटी की ओर से आपत्ति दाखिल किए जाने के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
विज्ञापन
ज्ञानवापी स्थित श्रृंगार गौरी। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

ज्ञानवापी से जुड़े वर्ष 1991 के मूल वाद के स्थानांतरण की पुनर्विचार याचिका पर बृहस्पतिवार को जिला जज संजीव शुक्ला की अदालत में सुनवाई हुई। अदालत ने मामले में अगली सुनवाई के लिए 20 नवंबर की तिथि निर्धारित की है। अदालत ने अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी को लिखित आपत्ति दाखिल करने का अंतिम अवसर दिया है। 

विज्ञापन


प्रकरण के अनुसार, वर्ष 1991 में पं. सोमनाथ व्यास, पं. रामरंग शर्मा और पं. हरिहर पांडेय ने मूल वाद दाखिल किया था, जो वर्तमान में अवर न्यायालय में लंबित है। अधिवक्ता अनुष्का तिवारी की ओर से इस वाद को ज्ञानवापी से संबंधित अन्य मुकदमों के साथ समेकित कर मुख्य वाद बनाने के लिए स्थानांतरण प्रार्थना पत्र दाखिल किया गया था। 

प्रार्थना पत्र खारिज होने के बाद इसके खिलाफ पुनर्विचार याचिका दाखिल की गई। सुनवाई के दौरान अनुष्का तिवारी की ओर से 11 अप्रैल 2025, सात जुलाई 2025 और 16 दिसंबर 2025 के आदेशों को रिकॉर्ड पर लेने के लिए प्रार्थना पत्र दिया गया। वहीं, वाद मित्र विजय शंकर रस्तोगी ने लिखित आपत्ति दाखिल करने के लिए एक और अवसर देने की मांग की। 
विज्ञापन


पूर्व की सुनवाई में अनुपस्थित रही अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी की ओर से बृहस्पतिवार को उपस्थित होकर संबंधित प्रति प्राप्त की गई। अदालत ने कमेटी को लिखित आपत्ति दाखिल करने का अंतिम अवसर देते हुए अगली सुनवाई के लिए 20 नवंबर की तिथि तय की है। 

Trending Videos
विज्ञापन

ज्ञानवापी में उर्स और चादर चढ़ाने के मामले में 13 नवंबर को सुनवाई
ज्ञानवापी परिसर में उर्स करने और मजार पर चादर चढ़ाने की अनुमति से जुड़े मामले में हिंदू पक्षकारों को पक्षकार बनाए जाने के खिलाफ दाखिल निगरानी अर्जी पर बृहस्पतिवार को सुनवाई टल गई। अपर जिला जज तृतीय प्रज्ञा सिंह की अदालत में अब अगली सुनवाई 13 नवंबर को होगी। 

फरवरी में सिविल जज सीनियर डिवीजन फास्ट ट्रैक कोर्ट ने अनुमति संबंधी मुख्तार अहमद के वाद में हिंदू पक्ष के लोगों को तृतीय पक्षकार बनाने का आवेदन स्वीकार कर लिया था। इस आदेश के खिलाफ मुख्तार अहमद ने सत्र न्यायालय में निगरानी अर्जी दाखिल की थी। 

निगरानी अर्जी पर बहस के दौरान अधिवक्ता नंदलाल पटेल ने दलील दी कि निचली अदालत ने सरसरी तौर पर आदेश पारित किया है। जिन लोगों को पक्षकार बनाने की अनुमति दी गई, उनका इस मामले में कोई कानूनी अधिकार नहीं बनता है। साथ ही, उनके दावे के समर्थन में कोई दस्तावेज भी प्रस्तुत नहीं किया गया।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें