उन्होंने स्पष्ट किया कि यहां कोई नया वाद दाखिल नहीं किया जा रहा, बल्कि केवल सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में सीलबंद ताले पर लगे जर्जर कपड़े को सुरक्षित रूप से बदलने की आवश्यकता बताई गई है। हिंदू पक्ष ने इस पर कोई आपत्ति नहीं की, जबकि मुस्लिम पक्ष ने विरोध जताया।
अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद इस अर्जी पर 15 दिसंबर की तिथि आदेश के लिए तय कर दी। कुछ दिन पहले वाराणसी प्रशासन की ओर से दाखिल अर्जी में कहा गया था कि ज्ञानवापी के सील वजूखाने पर लगा कपड़ा पूरी तरह जर्जर हो चुका है, जिसे बदलना जरूरी है। इस पर अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद ने आपत्ति की थी, जिसके बाद अदालत ने सुप्रीम कोर्ट के संबंधित आदेश की प्रति प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था।