ये है मामला
पूरा मामला वर्ष 1991 के मूल मुकदमे में वादमित्र विजय शंकर रस्तोगी को उनके पद से हटाने से संबंधित है। मूल वादी हरिहर पांडेय के निधन के बाद उनकी बेटियां मणिकुंतला तिवारी, नीलिमा मिश्रा और रेणु पांडेय ने 6 अप्रैल 2024 को खुद को पक्षकार बनाने का आवेदन दिया था। इसके बाद 31 मई 2025 को उन्होंने वादमित्र रस्तोगी को हटाने के लिए एक अन्य प्रार्थना पत्र दाखिल किया।
सिविल जज (सीनियर डिवीजन फास्टट्रैक) भावना भारतीय की अदालत ने 11 जुलाई 2025 को वादमित्र को हटाने से संबंधित प्रार्थना पत्र को पोषणीय न मानते हुए निरस्त कर दिया था। निचली अदालत के इस आदेश के खिलाफ तीनों बहनों के अधिवक्ता ने जिला जज की अदालत में पुनरीक्षण याचिका (रिवीजन पिटीशन) दायर की थी जो वर्तमान में विशेष न्यायाधीश द्वितीय की अदालत में लंबित है।