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Gyanvapi Case: पूजा-पाठ का अधिकार देने के मामले में पक्षकार बनाने की अर्जी पर सुनवाई टली, 20 को अगली तारीख

Sat, 17 Jan 2026 10:10 PM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Varanasi News: ज्ञानवापी परिसर में पूजा-पाठ का अधिकार देने से जुड़े वर्ष 1991 में दायर मुकदमे में पक्षकार बनाए जाने के मामले में सुनवाई टल गई है। अब इस मामले में 20 जनवरी को सुनवाई होगी। 
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Gyanvapi Case - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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ज्ञानवापी परिसर में नए मंदिर के निर्माण और हिंदुओं को पूजा-पाठ का अधिकार देने से जुड़े वर्ष 1991 में दायर मुकदमे में पक्षकार बनाए जाने संबंधी प्रार्थना पत्र पर शनिवार को सुनवाई नहीं हो सकी। सिविल जज (सीनियर डिवीजन/फास्ट ट्रैक) भावना भारतीय ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 20 जनवरी की तिथि निर्धारित की है।

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यह मुकदमा स्वर्गीय पं. सोमनाथ व्यास, डॉ. रामरंग शर्मा और स्वर्गीय पं. हरिहर नाथ पांडेय द्वारा दाखिल किया गया था। शनिवार को उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के अधिवक्ता तौहिद खान की ओर से दाखिल प्रार्थना पत्र पर सुनवाई प्रस्तावित थी। इस पर वादमित्र विजय शंकर रस्तोगी को अपना पक्ष रखना था, लेकिन उनकी अनुपस्थिति के कारण सुनवाई नहीं हो सकी।

मामले के मूल वादी स्व. पं. हरिहर नाथ पांडेय की पुत्रियां मणिकुंतला तिवारी, नीलिमा मिश्रा और रेणु पांडेय ने अपने पिता के स्थान पर स्वयं को मुकदमे में पक्षकार बनाए जाने के लिए अदालत में प्रार्थना पत्र दाखिल किया है। इस अर्जी का विरोध वादमित्र विजय शंकर रस्तोगी, अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद और उत्तर प्रदेश सुन्नी मुस्लिम वक्फ बोर्ड ने किया है। वक्फ बोर्ड ने जिला जज संजीव शुक्ला की अदालत द्वारा ज्ञानवापी स्थित वुजूखाना के ताले का कपड़ा बदलने की अर्जी खारिज किए जाने का हवाला देते हुए तीनों बहनों की अर्जी को निरस्त किए जाने की मांग की है।

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