परिवहन विभाग की ओर से शनिवार को विकास इंटर कॉलेज में आयोजित सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम में बच्चों को रोड सेफ्टी एंबेसडर बनाया गया। इस दौरान बच्चों ने संकल्प लिया कि सड़क सुरक्षा के प्रति अपने मम्मी, पापा, भैया और चाचा को जागरूक करेंगे।
मुख्य अतिथि आरटीओ (प्रवर्तन) मनोज वर्मा ने विद्यार्थियों को “रोड सेफ्टी एंबेसडर” बताते हुए कहा कि चाहे व्यक्ति चालक हो या सह-यात्री, वाहन के भीतर हो या पैदल यात्री के रूप में सड़क पर सड़क सुरक्षा के नियम सभी पर समान रूप से लागू होते हैं। उन्होंने सभी शिक्षकों से अपील की कि वे विद्यालय आते समय हेलमेट का उपयोग अवश्य करें, क्योंकि शिक्षक विद्यार्थियों के लिए आदर्श (रोल मॉडल) होते हैं।
विशिष्ट अतिथि आरटीओ (प्रशासन) राघवेन्द्र सिंह ने ओवरस्पीडिंग, गलत दिशा में वाहन चलाना, बिना हेलमेट वाहन चलाना जैसी समस्याओं के मूल में लापरवाही को प्रमुख कारण बताया। उन्होंने विद्यार्थियों के लिए तैयार रोड सेफ्टी हैंडबुक का विमोचन करते हुए बताया कि यह पुस्तिका पुस्तकालय और व्हाट्सएप समूहों के माध्यम से विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि वे नियमित रूप से सड़क सुरक्षा से संबंधित जानकारी प्राप्त कर सकें।
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समापन सत्र में प्रो. ओ.पी. चौधरी ने विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को सड़क सुरक्षा की शपथ दिलाई। इस जागरूकता कार्यक्रम में ग्रामीण पृष्ठभूमि से आए लगभग 2000 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। एआरटीओ (प्रवर्तन) सुधांशु रंजन ने बताया कि विद्यालयों में इस प्रकार के कार्यक्रम इसलिए आवश्यक हैं क्योंकि बच्चे नई आदतें शीघ्र सीखते हैं और नैतिक व भावनात्मक अपील के माध्यम से अपने परिवार के सदस्यों को भी सड़क सुरक्षा नियमों के प्रति जागरूक कर सकते हैं। कार्यक्रम में एके सिंह आदि रहे।