अदालत में पक्ष रखने के लिए उन्हें पर्याप्त अवसर नहीं दिया जा रहा है। इस पर वाद मित्र विजय शंकर रस्तोगी ने प्रार्थना पत्र की पोषणीयता पर सवाल उठाते हुए इसे निरस्त करने की मांग की। यह भी दलील दी कि कई तिथियों पर पुत्रियों की ओर से पक्ष रखा जा चुका है।
कोर्ट ने बेटियों की अर्जी खारिज कर दी। पक्षकार बनने संबंधित लंबित सिविल जज सीनियर डिविजन (एफटीसी) की अदालत में अब 11 जुलाई की तिथि नियत की है। इसमें वादमित्र की ओर से बेटियों की ओर से वादमित्र से हटाने की अर्जी पर आपत्ति दाखिल की गई है।
ज्ञानवापी के अन्य मामले में अब एक सितंबर को होगी सुनवाई
सिविल जज सीनियर डिविजन फास्ट ट्रैक की अदालत में सोमवार को ज्ञानवापी संबंधित एक अन्य मामले में सुनवाई टल गई। कोर्ट ने इस मामले अगली सुनवाई एक सितंबर की तिथि नियत की है। विष्णु गुप्ता आदि ने कोर्ट में वाद दाखिल कर कहा है कि ज्ञानवापी में गैर हिंदुओं के प्रवेश को वर्जित किया जाए।