लाॅर्ड विश्वेश्वर मूलवाद में सुनवाई गुरुवार को
सिविल जज सीनियर डिवीजन प्रशांत कुमार (फास्ट ट्रैक कोर्ट) की अदालत में गुरुवार को ज्ञानवापी से जुड़े वर्ष 1991 के लाॅर्ड विश्वेश्वर मूलवाद में सुनवाई होनी है।
पिछली तारीख पर मूल वाद के वादमित्र विजय शंकर रस्तोगी ने अतरिक्त एएसआई सर्वे कराने सबंधित अर्जी पर बहस पूरी की है, जिसमें कहा गया था कि स्वयंभू लाॅर्ड विश्वेश्वर का शिवलिंग जमीन के नीचे 100 फुट तक है। जब एएसआई वैज्ञानिक व राडार तकनीक से सर्वे करेगी तब सच्चाई सामने आ जाएगी। इस पर अब विपक्षी की ओर से बहस होनी है।
गलत बयानबाजी मामले में दो सितंबर को आवेदन होगा पेश
अपर जिला जज-नवम विनोद कुमार सिंह की अदालत में ज्ञानवापी परिसर स्थित वजूखाना में गंदगी व शिवलिंग की आकृति पर दिए गए बयान मामले में दाखिल निगरानी अर्जी पर पुनः बहस करने की अनुमति संबंधित आवेदन पर दो सितंबर को पेश करने को निर्देशित किया है। कोर्ट में चार दिन पहले निगरानीकर्ता ने आवेदन देकर पुनः बहस करने की अनुमति मांगी थी। पहले ही कोर्ट ने निगरानी अर्जी पर सभी पक्षों के सुनने के बाद आदेश के लिए दो सितंबर की तिथि नियत की थी।
चार दिन पहले निगरानीकर्ता अधिवक्ता हरिशंकर पांडेय ने आवेदन देकर बताया कि दो बिंदुओं पर प्रकाश डालना अतिआवश्यक है। इसलिए इस मामले में आदेश सुनाने से पूर्व दो सितंबर या इसे पहले पुनः बहस की अनुमति दी जाए। कोर्ट ने अर्जी पर पक्षकारों को संज्ञान में लाने को निर्देशित किया।
प्रकरण के अनुसार वरिष्ठ अधिवक्ता हरिशंकर पांडेय व अधिवक्ता अजय प्रताप सिंह ने लोअर कोर्ट के आदेश के खिलाफ निगरानी अर्जी दाखिल की है। जिसमें कहा है कि ज्ञानवापी परिसर स्थित वुजूखाने में नमाजियों द्वारा गंदगी फैलाई जा रही है।
सर्वे में सामने आई शिवलिंग की आकृति पर असुदद्दीन ओवैसी व सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव सहित कुछ नेताओं ने गलत बयानबाजी कर हिन्दुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचाया। इसलिए सपा प्रमुख अखिलेश यादव, सांसद असुद्दीन ओवैसी व अंजुमन इंतजामिया कमेटी के पदाधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाए।