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Varanasi: ज्ञानवापी प्रकरण में मसाजिद कमेटी को आपत्ति दाखिल करने के लिए मिला समय, 13 अप्रैल को होगी सुनवाई

Wed, 15 Mar 2023 09:54 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

सिविल जज सीनियर डिवीजन फास्ट ट्रैक कोर्ट महेंद्र कुमार पांडेय की अदालत ने अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी को आपत्ति दाखिल करने के लिए समय दिया है। इस मामले की सुनवाई अब 13 अप्रैल को होगी। 
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- फोटो : Social Media
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विस्तार
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सिविल जज सीनियर डिवीजन फास्ट ट्रैक कोर्ट महेंद्र कुमार पांडेय की अदालत ने अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी को आपत्ति दाखिल करने के लिए समय दिया है। इस मामले की सुनवाई अब 13 अप्रैल को होगी। ज्ञानवापी से संबंधित इसी मुकदमे में काशी विश्वनाथ मंदिर के पूर्व महंत डॉ. कुलपति तिवारी की तरफ से पक्षकार बनने का आवेदन दिया गया है।

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हिंदू सेना के अध्यक्ष विष्णु गुप्ता और अजीत सिंह की तरफ से ज्ञानवापी में मुस्लिमों का प्रवेश वर्जित करने और हिंदुओं को दर्शन-पूजन की अनुमति देने से संबंधी वाद दायर किया गया है। इस मामले में विपक्षी अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी की तरफ से आपत्ति दाखिल किया जाना था, लेकिन पहले ही वादी पक्ष की ओर से साक्ष्य देने संबंधी आवेदन कर दिया गया। 

गबन के मामले में दो की जमानत अर्जी खारिज
विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम सपना शुक्ला की अदालत ने संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में पांडुलिपि प्रकाशन में 5.68 करोड़ रुपये की वित्तीय अनियमितता के मामले में प्रिंटिंग प्रेस संचालक आरोपी रविप्रकाश पांड्या और दिवाकर त्रिपाठी की जमानत अर्जी खारिज कर दी।

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एडीजीसी प्रमथेश पांडेय और विशेष लोक अभियोजक कमलेश कुमार यादव के मुताबिक आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन के निरीक्षक राकेश सिंह ने 17 दिसंबर 2014 को प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप है कि संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में दुर्लभ पांडुलिपियों व ग्रंथों के प्रकाशन के लिए नौ करोड़ 59 लाख रुपये शासन से जारी हुआ था।

उसमें से तीन करोड़ रुपये का प्रकाशन किया गया और पांच करोड़ 68 लाख रुपये का गबन विश्वविद्यालय के वित्त विभाग से जुड़े अधिकारियों और प्रिंटिंग प्रेस संचालकों ने कर लिया। मामले के इन दो आरोपियों पर आरोप है कि बिना प्रकाशन किए सात लाख 61 हजार रुपये का चेक प्राप्त किया। अदालत ने इन परिस्थितियों में अपराध को गंभीर मानते हुए जमानत अर्जी खारिज कर दी।
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देह व्यापार के चार आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज

देह व्यापार के दो अलग-अलग मामलों में विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम देवकांत शुक्ला की कोर्ट ने एक युवक और तीन महिलाओं की जमानत अर्जी खारिज कर दी। एडीजीसी रोहित मौर्य के अनुसार भेलूपुर प्रभारी निरीक्षक ने न्यू कॉलोनी पटिया स्थित एक मकान में छापा मारकर चार कमरों में आपत्तिजनक अवस्था में आठ युवक-युवतियों को पकड़ा था। इसके अलावा लोहता थाना क्षेत्र के बनकट स्थित सीमेंट पाइप बनाने की फैक्ट्री से दो युवकों और युवतियों को आपत्तिजनक हालत में पकड़ा था।
 
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