Varanasi News: ज्ञानवापी परिसर में उर्स आयोजित करने एवं मजार पर चादर चढ़ाने से जुड़े मामले में दायर निगरानी अर्जी पर सुनवाई के दौरान अदालत ने दोनों पक्षों को सुना। इसके साथ ही 29 जनवरी को सुनवाई की तारीख तय किया।
विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) अनिल कुमार शुक्ला की अदालत में मंगलवार को ज्ञानवापी परिसर में उर्स आयोजित करने एवं मजार पर चादर चढ़ाने से जुड़े मामले में दायर निगरानी अर्जी पर सुनवाई हुई। दोनों पक्षों को सुनने के बाद सुनवाई की अगली तिथि 29 जनवरी तय कर दी गई। इससे जुड़ी अर्जी मुख्तार अहमद ने लगाई है।
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निगरानी अर्जी पर बहस के दौरान अधिवक्ता नंद लाल पटेल ने दलील दी कि निचली अदालत ने इस मामले में सरसरी तौर पर आदेश पारित किया। जिन लोगों को पक्षकार बनाए जाने की अनुमति दी गई, उनका इस वाद से कोई प्रत्यक्ष कानूनी अधिकार नहीं बनता है। न ही उनके पक्ष में कोई ठोस दस्तावेज प्रस्तुत किए गए हैं।
वहीं, निगरानीकर्ता की ओर से यह तर्क रखा गया कि ज्ञानवापी परिसर स्थित तीन दृश्य मजारों एवं एक अदृश्य मजार पर चादर चढ़ाने, फातिहा पढ़ने और वार्षिक उर्स का आयोजन वे पूर्व से करते आ रहे हैं। यह संपूर्ण गतिविधि ज्ञानवापी परिसर के अंतर्गत ही होती रही है।