ज्ञानवापी-मां श्रृंगार गौरी केस की सुनवाई बुधवार को वाराणसी जिला जज डॉ. अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत में हुई। इस दौरान ज्ञानवापी परिसर में तहखाने को तोड़कर और मलबे को हटाकर कमीशन की कार्रवाई आगे बढ़ाने की मांग पर सुनवाई हुई। मामले में मुस्लिम पक्ष यानि अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी की ओर से आपत्ति दाखिल की गई। हिंदू पक्ष की ओर से प्रति आपत्ति दाखिल करने के लिए अदालत ने 11 नवंबर की तिथि तय की।
हिंदू पक्ष के अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन ने कहा कि वादी पक्ष ने 82 ग के तहत कमीशन की कार्यवाही आगे बढ़ाने की बात अदालत में कही है। उस पर प्रतिवादी अंजुमन इंतजामिया कमेटी ने अपनी अपत्ति कोर्ट में दाखिल कर दी है। जिस पर अदालत ने वादी पक्ष को अपना पक्ष रखने के लिए 11 नवंबर की तारीख मुकर्रर की है।
कोर्ट ने की विशेष टिप्पणी
इस पर हिंदू पक्ष की ओर से प्रति आपत्ति दाखिल करने के लिए अदालत ने 11 नवंबर की तिथि तय की। वहीं सुनवाई के दौरान जिला जज ने कोर्ट में विशेष टिप्पणी भी दोनों पक्षों को लेकर की। उन्होंने कहा है कि आगे से इस मुकदमे में एक हफ्ते से ज्यादा की अवधि की तारीख अब नहीं दी जाएगी।