अधिवक्ता हरिशंकर पांडेय की ओर से अदालत में प्रार्थना पत्र देकर अखिलेश, ओवैसी और उनके भाई समेत दो हजार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की गई थी। आवेदन में कहा गया कि ज्ञानवापी सर्वे के दौरान वजू स्थल के पास शिवलिंग मिलने के दावे के बीच आराध्य देव के स्थान पर गंदगी करने से हिंदुओं की भावना आहत हुई।
वहीं सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने ज्ञानवापी प्रकरण पर बयान देकर हिंदुओं की भावनाओं पर कुठाराघात किया इसके साथ ही ज्ञानवापी के पास लगभग दो हजार लोगों ने हिंदू भावनाओं को उकसाने वाली नारेबाजी की। अदालत से इन परिस्थितियों में आरोपियों पर समुचित धाराओं में मुकदमा दर्ज किए जाने का अनुरोध किया गया।