मुकदमे के वादी हरिहर पांडेय की मृत्यु के बाद उनकी तीन पुत्रियों मणिकुंतला तिवारी, नीलिमा मिश्रा और रेणु पांडेय ने छह अप्रैल 2024 को पक्षकार बनाने की अर्जी दी थी।
ज्ञानवापी में मंदिर निर्माण और हिंदुओं को पूजा-पाठ का अधिकार देने से संबंधित 1991 के मुकदमे में नियुक्त वादमित्र विजय शंकर रस्तोगी को हटाने की मांग वाली निगरानी अर्जी पर बृहस्पतिवार को सुनवाई हुई। विशेष न्यायाधीश द्वितीय (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) पूनम पाठक की अदालत में निगरानीकर्ता की ओर से अधिवक्ता ने दलीलें पेश कीं। अगली सुनवाई 16 सितंबर को होगी।
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मुकदमे के वादी हरिहर पांडेय की मृत्यु के बाद उनकी तीन पुत्रियों मणिकुंतला तिवारी, नीलिमा मिश्रा और रेणु पांडेय ने छह अप्रैल 2024 को पक्षकार बनाने की अर्जी दी थी। सुनवाई के दौरान तीनों ने 31 मई 2025 को वादमित्र को हटाने की मांग की।
सिविल जज (सीनियर डिवीजन फास्ट ट्रैक) भावना भारतीय ने 11 जुलाई 2025 को अर्जी खारिज कर दी थी। इसके खिलाफ जिला जज की अदालत में निगरानी दाखिल की गई है। बहनों ने दोनों अर्जियों की एक साथ सुनवाई की मांग की है।