सिविल जज सीनियर डिविजन हितेश अग्रवाल की अदालत में सोमवार को ज्ञानवापी प्रकरण से जुड़े एक मामले में सुनवाई हुई। कोर्ट में वादी की ओर कहा गया कि विपक्षी को नोटिस तामील हो चुकी है। स्टेटस भी वादी की ओर से कोर्ट में दाखिल किया गया।
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कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए सात मई की तिथि नियत की है। नंदीजी महाराज विराजमान व लखनऊ के जन उद्घोष सेवा संस्था की सदस्य आकांक्षा तिवारी, दीपक प्रकाश शुक्ला, अमित कुमार, सुविद प्रवीण ने वाद दाखिल किया है।
आरोप है कि ज्ञानवापी मंदिर के स्वरूप को तोड़कर मस्जिद के गुंबद बनाए गए हैं। उसे हटाया जाए और विश्वनाथ मंदिर न्यास को सौंपते हुए मंदिर का रूप दिया जाए। नंदीजी महाराज अपने स्वामी के इंतजार में हैं, उनको आदि विश्वेश्वर से मिलाया जाए। ज्ञानवापी परिसर में नमाज रोकी जाए। अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी की ओर से आपत्ति दाखिल कर कहा गया कि वादीगण की अर्जी कपोल कल्पित है और खारिज होने योग्य है।