ज्ञानवापी परिसर में उर्स और मजार पर चादर चढ़ाने से जुड़े मामले में सुनवाई टल गई है। हिंदू पक्ष के कुछ लोगों को पक्षकार बनाए जाने के खिलाफ दाखिल निगरानी अर्जी पर सोमवार को सुनवाई नहीं हो सकी। अपर जिला जज तृतीय प्रज्ञा सिंह की अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 15 अक्तूबर की तारीख तय की है।
मुख्तार अहमद ने यह निगरानी अर्जी सत्र न्यायालय में दाखिल की है। यह अर्जी सिविल जज (सीनियर डिवीजन), फास्ट ट्रैक कोर्ट के एक आदेश के खिलाफ है। फरवरी में निचली अदालत ने मुख्तार अहमद के वाद में हिंदू पक्ष के तीसरे पक्षकारों को शामिल करने का आवेदन स्वीकार किया था।
यह वाद ज्ञानवापी में उर्स आयोजित करने और अदृश्य मजार पर चादर चढ़ाने की अनुमति से संबंधित है। अधिवक्ता नंदलाल पटेल ने निगरानी अर्जी पर बहस के दौरान तर्क दिया। उन्होंने कहा कि निचली अदालत ने सरसरी तौर पर आदेश पारित किया है।
जिन लोगों को पक्षकार बनाने की अनुमति मिली, उनका इस मामले में कोई कानूनी अधिकार नहीं बनता। उनके दावे के समर्थन में कोई संबंधित दस्तावेज भी प्रस्तुत नहीं किए गए हैं। वहीं, निगरानीकर्ता की ओर से कहा गया कि ज्ञानवापी परिसर में स्थित मजारों पर चादर चढ़ाने और उर्स का आयोजन पूर्व से होता रहा है।