ज्ञानवापी से जुड़े मामले में वादी रहे दिवंगत हरिहर पांडेय की बेटियों द्वारा दायर पक्षकार बनाए जाने संबंधी वाद में किए गए संशोधन की अर्जी पर बहस जारी है। कोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई की तिथि 15 अक्तूबर निर्धारित की है।
सिविल जज (सीनियर डिवीजन) फास्ट ट्रैक कोर्ट की न्यायाधीश भावना भारती की अदालत में बृहस्पतिवार को ज्ञानवापी मामले से जुड़े वर्ष 1991 के पुराने मुकदमे की सुनवाई हुई। यह सुनवाई वादी रहे दिवंगत हरिहर पांडेय की बेटियों द्वारा दायर पक्षकार बनाए जाने संबंधी वाद में किए गए संशोधन की अर्जी पर हो रही है। कोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई की तिथि 15 अक्तूबर निर्धारित की है।
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पिछली तिथियों में कोर्ट ने इस मुकदमे में वादमित्र रहे विजय शंकर रस्तोगी को उनके पद और मुकदमे से हटाने के संबंध में दायर प्रार्थना पत्र को खारिज कर दिया था। इसके साथ ही पक्षकार बनने संबंधी लंबित वाद पर सुनवाई के लिए बृहस्पतिवार की तिथि नियत की गई थी।
पिछली तिथि पर वादी (तीनों बेटियों) की ओर से अधिवक्ता ने एक अर्जी प्रस्तुत की थी, जिसमें उल्लेख किया गया कि वादमित्र को हटाने संबंधी अर्जी को कोर्ट ने खारिज कर दिया है। हालांकि, पक्षकार बनाए जाने की अर्जी में संशोधन की अपील की गई है।
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संशोधित अर्जी में कुछ अतिरिक्त निर्देशों को जोड़ने का अनुरोध किया गया है। इस संशोधन पर वादमित्र विजय शंकर रस्तोगी ने आपत्ति दर्ज की है। बहस इस विषय पर जारी है और अब अगली सुनवाई 15 अक्तूबर को होगी।