शुक्रवार को चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की कोर्ट में इस मामले की सुनवाई होनी है। इधर, एएसआई टीम ने ज्ञानवापी क्षेत्र को चार भागों में बांटने के बाद सर्वे शुरु किया। शासन के द्वारा पूरे परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगा दिए गए हैं। सर्वे टीम सबसे ज्यादे ज्ञानवापी के पश्चिमी दीवार की जानकारी जुटाने में लगी हुई है।
ज्ञानवापी परिसर में एक तरफ जहां सुबह से सर्वे चल रहा है। वहीं, दूसरी ओर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई भी है। एएसआई के सर्वेक्षण को लेकर उत्तर प्रदेश ही नहीं देश की राजधानी दिल्ली के भी नजरें इस मामले पर टिकी हैं। एक तरफ शुक्रवार की सुबह से ही ज्ञानवापी परिसर के अंदर एएसआई की टीम परिसर को चार भागों में बांट कर स्क्रीनिंग करने में जुटी हुई है तो दूसरी ओर मसाजिद कमेटी के लोग इस सर्वे को रुकवाने के लिए सुप्रीम कोर्ट पहुंच चुके हैं।
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शुक्रवार को चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की कोर्ट में इस मामले की सुनवाई होनी है। इधर, एएसआई टीम ने ज्ञानवापी क्षेत्र को चार भागों में बांटने के बाद सर्वे शुरु किया। शासन के द्वारा पूरे परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगा दिए गए हैं। सर्वे टीम सबसे ज्यादे ज्ञानवापी के पश्चिमी दीवार की जानकारी जुटाने में लगी हुई है। सुरक्षा के दृष्टिकोण से मैदागिन से लगायत गोदौलिया तक बैरकेडिंग कर पूरे क्षेत्र में वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दिया गया है। केवल पैदल राहगीर और दर्शनार्थियों को ही काशी विश्वनाथ मंदिर की ओर जाने दियावजा रहा था।
ज्ञानवापी की ओर सुबह से ही दौड़ती रही अधिकारियों की गाड़ियां
ज्ञानवापी परिसर के सर्वे को लेकर शुक्रवार सुबह से ही गहमा गहमी बनी हुई थी। एएसआई ने 8:00 बजे के करीब सर्वे शुरु किया। इधर, मामले की गंभीरता को देखते हुए सुबह से ही पुलिस आयुक्त मुथा अशोक जैन समेत शायन प्रशासन के अधिकारियों की गाड़िया विश्वनाथ मंदिर की ओर दौड़ रही थीं।