ज्ञानवापी परिसर से बाहर निकलते एएसआई टीम के सदस्य
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ज्ञानवापी परिसर में चारों कोनों पर डायल टेस्ट इंडिकेटर लगाए गए। इससे सतह की माप की गई। डेप्थ माइक्रोमीटर से परिसर के अलग-अलग हिस्सों की माप हुई। इसी आधार पर टीम ने परिसर की आकृति पर आंकड़े दर्ज किए। सर्वे की एक टीम ने मानकों के अनुसार तैयार नक्शों पर बाहर से दिख रहे परिसर को उकेरा।
दीवारों, खंभों और छत की माप के लिए कांबिनेशन सेंट वर्नियर बैवल प्रोट्रेक्टर की मदद ली गई। इसके जरिये उसकी बनावट, कलाकृति आदि की जांच की गई। एएसआई की टीम ने प्रशासनिक अधिकारियों से हुई चर्चा में बताया कि दर्ज किए गए आंकड़े व नक्शे आदि का मिलान कर शनिवार को बाकी बचे हिस्से की जांच की जाएगी। 24 जुलाई को एएसआई की टीम ने करीब साढ़े पांच घंटे तक सर्वे की कार्रवाई की थी। उस दिन हुए दर्ज आंकड़ों का भी मिलान किया गया।
ज्ञानवापी परिसर के बाहर तैनात सुरक्षाकर्मी
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एएसआई की टीम ज्ञानवापी के तहखाने में भी गई, लेकिन सर्वे नहीं हो सका। आसपास के दो तहखानों में गंदगी का ढेर है। अब नगर निगम की टीम से गंदगी की सफाई कराई जाएगी, फिर तहखानों के सर्वे को आगे बढ़ाया जाएगा। हालांकि, तहखाने की माप कराई गई है। हिंदू पक्ष का दावा है कि ज्ञानवापी में तीन तहखाने हैं। तीन गुंबद बने हैं। इनके सर्वे से तमाम साक्ष्य मिलने की उम्मीद है।
ज्ञानवापी परिसर का सर्वे शुक्रवार को सात घंटे पच्चीस मिनट तक चला है। एएसआई की टीम सुबह 7:40 बजे ज्ञानवापी पहुंच गई थी, फिर शाम को 5:20 टीम परिसर से बाहर निकली है। इस बीच जुमे की नमाज की वजह से एक घंटे पैंतालिस मिनट तक सर्वे का काम बंद रहा था। इससे पहले 24 जुलाई को पहले दिन एएसआई की टीम ने साढ़े पांच घंटे तक सर्वे का काम किया था।
ज्ञानवापी में जुमे की नमाज के मद्देनजर शुक्रवार की दोपहर 12:30 बजे से 2:15 बजे तक एएसआई की ओर से सर्वे का काम रोक दिया गया। अन्य दिनों की अपेक्षा नमाजी कुछ ज्यादा ही संख्या में पहुंचे थे।दोपहर 2:20 बजे के बाद सर्वे का काम फिर शुरू हुआ। वहीं, जुमे की नमाज के बाद निकले कई नमाजियों ने पत्रकारों से बात की और कहा कि आपसी भाईचारा बना रहे और शांति कायम रहे, इसकी दुआ मांगी है।
एएसआई टीम ने सर्वे का पहला चरण दोपहर करीब 12.30 बजे पूरा किया। इसके बाद टीम काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंची। यहां दर्शन पूजन के बाद टीम ने अन्नक्षेत्र में माता अन्नपूर्णा का प्रसाद ग्रहण किया। करीब दो घंटे बाद फिर दूसरे चरण में सर्वे की कार्रवाई को आगे बढ़ाया।
एएसआई की टीम शनिवार को सतह, निर्माण और बनावट आदि की जांच के बाद मशीनों से मिलने वाले आंकड़े को टोपोग्राफी शीट पर दर्ज करेगी। इसमें जरिये सतह के आकार और कलाकृतियों का अध्ययन कराया जाएगा। इस दौरान आवश्यकता पड़ने पर परिसर के अलग अलग हिस्सों से नमूने भी लिए जा सकते हैं।