एएसआई की 56 सदस्यीय टीम के साथ पहुंची टीम ने निर्माण शैली, सामग्री और प्लास्टर की परतों का आकलन किया। एक दल ने तहखाने और पश्चिमी दीवारों के पास जमा मलबे की जांच की।
ज्ञानवापी परिसर में मंगलवार को कंगूरों (गुंबद के ऊपरी हिस्से) की जांच की गई। चूने की पुताई के नमूने जुटाए गए। चूने की परत की स्कैनिंग की गई। उन पर बनी आकृतियों की फोटो और वीडियोग्राफी कराई गई। लाइट डिटेक्शन एंड रेंजिंग (लिडार) की मदद से छिपी वस्तुओं और उसकी संरचना का नक्शा तैयार किया गया। पूरे परिसर में निर्माण की माप कराई गई है।
एएसआई की 56 सदस्यीय टीम के साथ पहुंची टीम ने निर्माण शैली, सामग्री और प्लास्टर की परतों का आकलन किया। एक दल ने तहखाने और पश्चिमी दीवारों के पास जमा मलबे की जांच की। यहां टुकड़ों की थ्री-डी मैपिंग कराई गई। बाहरी और भीतरी हिस्सों में बनी आकृतियों की स्कैनिंग हुई। आधुनिक मशीनों से पूरे परिसर में हुए निर्माणों की जांच की गई। निर्माण में मूलभूत अंतर का पता लगाने के लिए पोर्टेबल एक्सरे प्रतिदीप्ति स्पेक्ट्रोस्कोपी से साक्ष्य जुटाए गए। मिट्टी में मौजूद धातुओं के पैटर्न की जानकारी ली गई।