वाराणसी। सिविल जज सीनियर डिवीजन (फास्ट ट्रैक) भावना भारती की अदालत में शुक्रवार को ज्ञानवापी के वर्ष 1991 के मामले में सुनवाई हुई। अदालत ने साक्ष्यों को देखा और दलीलें सुनीं। इसके बाद सुनवाई की अगली तिथि तीन दिसंबर तय कर दी।
मामले में वाद मित्र विजय शंकर रस्तोगी की ओर से बहस की गई। वाद मित्र ने कहा कि वादी रहे स्वर्गीय हरिहर पांडेय के आवेदन के आधार पर 11 अक्तूबर 2019 को वाद मित्र और वादी संख्या पांच बनाया गया था। बेटियों की ओर से दाखिल अर्जी पोषणीय नहीं है। संवाद