मैं पूछना चाहता हूं कि इस ऑडियो का जिस तरह पुलिस ने संज्ञान लिया, उसी तरह इससे पहले पूर्व बसपा एवं मौजूदा भाजपा विधायक के बेटे का ऑडियो वायरल हुआ था, जिसमें प्रधानमंत्री-मुख्यमंत्री तक को अपशब्दों का प्रयोग किया गया था, उसे पुलिस ने स्वतः संज्ञान क्यों नहीं लिया।
इसी जिले में अवैध स्लॉटर हाउस चलता था, जिसे बसपा का पूर्व पदाधिकारी चलाता था। इसमें बसपा नेता हिस्सा लेते थे, लेकिन आज तक इस मामले में गिरफ्तारी नहीं हुई। क्योंकि मैं ब्राह्मण हूं, इसलिए मुझे परेशान किया जा रहा है।
लॉकडाउन के दौरान टोल प्लाजा पर फर्जी सॉफ्टवेयर लगाकर डेली बेसिस पर वसूली कर दी गई थी, जिसकी शिकायत हमने की केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से की थी। उसके बाद एनएचएआई ने अपने कंप्यूटर और कैमरे को अपग्रेड किया। इससे केंद्र सरकार का राजस्व चार से पांच गुना बढ़ गया। हमने डीएम-एसपी से भी कहा था कि टोल में कई लोगों का पैसा लगा है, जो अवैध वसूली करते हैं।
आज भी ओवरलोड ट्रकों से अवैध वसूली हो रही है। जो लोग वसूली करते हैं, उनकी वर्दी, नाम, पता पुलिस के पास होना चाहिए, लेकिन सीओ ज्ञानपुर ने जांच में क्लीन चिट दे दी। क्योंकि टोल से पुलिस अधिकारियों को पैसा जाता है। पुलिस कहती है कि मैं टोल लेना चाहता था, लेकिन मैं साफ कर देना चाहता हूं कि न तो मैंने टोल का काम कभी किया न भविष्य में करूंगा।
इसमें ट्रक चालकों को प्रताड़ित कर पैसा वसूला जाता है, जो मेरे स्वभाव में नहीं है। पुलिस ने मेरे 71 अपराधों की सूची मीडिया को दी है। लेकिन, उसमें से अगर 51 मामलों की भी एफआईआर उपलब्ध करा दे, जिनमें मैं नामजद हूं, तो देश छोड़ दूंगा। विधायक ने अपने ऊपर लगे चर्चित मुकदमों पर भी सफाई दी। कहा कि मुझे हर बार फंसाया गया।
पुलिस की ताजा कार्रवाई के बाद विधायक विजय मिश्र पहली बार भावुक होते दिखे। कहा कि मैंने हमेशा सरकार का साथ दिया है। ऐसा कौन सा देशद्रोह या अन्य बड़े अपराध में मैं वांछित हूं, जो पुलिस मेरा फोन टेप करा रही है।
इसकी वजह से मेरे बेटे, बहू घर छोड़ दिए हैं। मुझसे फोन पर कोई बात नहीं कर रहा। मेरी गोशाला की गायों को आज खली और केला नहीं मिल पाया। क्योंकि दुकानदार ने मेरा फोन नहीं उठाया। इस दौरान उनकी आवाज भारी हो गई थी।
ज्ञानपुर विधायक विजय मिश्र पर औराई पुलिस ने धमकाने का केस दर्ज किया था। लालानगर टोल प्लाजा के साझीदार व्यवसायी गोपाल कृष्ण माहेश्वरी से रंगदारी वसूली और जान से मारने का ऑडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने यह कदम उठाया था। साथ ही गुंडा एक्ट के तहत कार्रवाई के लिए रिपोर्ट डीएम को भेजी थी।
पुलिस अधीक्षक रामबदन सिंह ने मीडिया को बताया था कि टोल प्लाजा के साझीदार गोपाल कृष्ण माहेश्वरी को फोन पर धमकी देने का ऑडियो मिलने के बाद पुलिस ने उसकी जांच की। लेकिन, जिस व्यवसायी से विधायक की बातचीत हो रही है, वह तहरीर देने के लिए तैयार नहीं हुआ। इसलिए पुलिस ने मामला दर्ज कराया है।